Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kathua News: अब जल्द मोटर पैरा ग्लाइडिंग का लुत्फ उठा सकेंगे पूरथू आने वाले पर्यटक, ट्रायल रहा सफल

    By Ritu sharmaEdited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Sun, 26 Nov 2023 04:11 PM (IST)

    कठुआ में मिनी गोवा के नाम से प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पूरथू में अब जल्द ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मोटर पैरा ग्लाइडिंग का लुत्फ उठा सकेंगे क्योंकि शन ...और पढ़ें

    एडीसी बसोहली अजीत सिंह एवं एसडीपीओ बसोहली सुरेश शर्मा पैरा मोटर गलाइडिंग का आनंद लेते हुए
    एडीसी बसोहली अजीत सिंह एवं एसडीपीओ बसोहली सुरेश शर्मा पैरा मोटर गलाइडिंग का आनंद लेते हुए

    HighLights

    1. अब जल्द मोटर पैरा ग्लाइडिंग का लुत्फ उठा सकेंगे पूरथू आने वाले पर्यटक, ट्रायल रहा सफल।
    2. कुछ दिनों से पूरथू सैलानियों का बनते जा रहा है पसंदीदा स्थल।
    3. मोहिंद्र सिंह ने ट्रेनिंग के बाद पर्यटन वलिभाग से करवाया पंजीकरण।

    संवाद सूत्र,कठुआ। मिनी गोवा के नाम से प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पूरथू में अब जल्द ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मोटर पैरा ग्लाइडिंग का लुत्फ उठा सकेंगे, क्योंकि शनिवार को किया गया ट्रायल सफल रहा।

    इस दौरान स्वयं एडीसी आसमान में सैर करते नजर आए। हालांकि दो दिन और ट्रायल किया जाएगा। जिसके बाद प्रशासन से पैरा ग्लाइडिंग की अनुमति प्रदान हो जाने की संभावना है।

    दरअसल, सैलानियों के लिए पर्यटक स्थल पूरथू कुछ दिनों से पसंदीदा स्थल बनते जा रहा है, जिसके कारण ही इसे मिनी गोवा के नाम से भी जाना जाता है।

    WhatsApp पर हमसे जुड़ें. इस लिंक पर क्लिक करें.

    चारों तरफ रणजीत सागर झील और झील में चलती किश्तियां सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। आने वाले दिनों में कई एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी प्रबंध करने की तैयारी चल रही है।

    यह भी पढ़ें: Jammu News: चार हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों का रोका गया वेतन, नौकरी पर भी लटकी तलवार, ये है बड़ी वजह

    इसी कड़ी में शनिवार को पूरथू में मोटर पैरा ग्लाइडिंग का ट्रायल किया गया, जिसका लुत्फ एडीसी अजीत सिंह स्वयं उठाते नजर आए।

    शनिवार दोपहर बसोहली उपजिला निवासी मोहिंद्र सिंह की देखरेख में मोटर पैरा-ग्लाइडिंग का ट्रायल किया गया, जिसे सफल माना जा रहा है। युवा मोहिंद्र सिंह पांडिचेरी में मोटर पैरा ग्लाइडिंग की ट्रेनिंग लेने के बाद पर्यटन विभाग से पंजीकरण करवाया।

    चार मिनट की ग्लाइडिंग का 4 हजार रुपये

    इसके बाद उन्होंने डीसी राकेश मिन्हास से बात की, जिसके बाद एसडीपीओ व तहसीलदार के साथ मिलकर पूरथू में ट्रायल किया। वे पांडिचेरी में 60 दिन का ग्लाइडिंग करवाते हैं, अब चाहते हैं कि पूरथू क्षेत्र में भी यह सुविधा आने वाले पर्यटकों को मिले, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। युवा मोहिंद्र ने बताया कि चार मिनट की ग्लाइडिंग का 4 हजार रुपये लगता है।

    उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग के निदेशक से मिलकर बसोहली में भी शुरू करने की बात करेंगे। मौके पर स्थानीय निवासियों में म्यूनिसिपल कमेटी के पूर्व प्रधान सुमेश सपोलिया, सुनील सोनी, श्याम डोगरा, सुनील कनोत्रा, सोहन चोधरी आदि का कहना है कि ऐसी सुविधा के प्रति पर्यटन विभाग को जल्द मोहिन्द्र सिंह को अनुमति देना चाहिए, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

    पूरथू में ही सैलानी हवा में कर सकेंगे पैराग्लाइडिंग 

    बहरहाल, मोटर पैराग्लाइडिंग के सफल ट्रायल के बाद सुरक्षा के सभी नियमों को पूरा करने के बाद मोटर पैराग्लाइडिंग सैलानियों के लिए खोल दिए जाने की उम्मीद है। अब सैलानियों को हवा की सैर करने के लिए हिमाचल की दूरदराज पहाड़ियों में नहीं जाना पड़ेगा। बल्कि पूरथू में ही सैलानी हवा में पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे।

    खबरें और भी

    बसोहली में पैरा ग्लाइिडंग का रेट कम

    युवा मोहिंद्र के अनुसार वे दो साल से पांडिचेरी में काम को कर रहे है, यह काम सेना में सीखा। यह बहुत ही एडवेंचर वाला खेल है, इससे बसोहली में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अभी तो एक दो दिन का ट्रायल रहेगा।

    इसके बाद पैरा ग्लाइडिंग को बढ़ावा देने के लिए बसोहली में रेट कम रखा जाएगा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले।इसे हम ज्यादा ऊंचा ले सकते हैं। अब ग्लाइडिंग करने वालों पर निर्भर रहेगा कि वह कितना ऊंचा उड़ना चाहता है।

    धरे रह गए सियारा में पैराग्लाइडिंग के ट्रायल

    पैराग्लाइडिंग को लेकर बसोहली के सियारा में भी ट्रायल करवाए गए थे, लेकिन उसके बाद कोई कदम नहीं उठाया गया है। हिमाचल से बाकायदा बनी-बसोहली विकास प्राधिकरण द्वारा विशेषज्ञ पैराग्लाइडर बुलाए गए थे। क्षेत्र को पैराग्लाइडिंग के लिए मुफीद भी बताया गया, लेकिन यह कवायद तीन साल से ठंडे बस्ते में पड़ी है।

    गौर हो कि कठुआ जिले के बनी सब डिवीजन का सियारा क्षेत्र भी एडवेंचर पर्यटन स्थल के रूप में उभरने की संभावना है। इसी तरह, पूरथू में भी पर्यटन की आपार संभावनाएं हैं, जिसे विकसित करने की जरुरत है।

    यह भी पढ़ें: Jammu News: चार हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों का रोका गया वेतन, नौकरी पर भी लटकी तलवार, ये है बड़ी वजह