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    पुंछ बाढ़ पीड़ितों से मिलने जा रहे थे MP मियां अल्ताफ, बीच रास्ते लैंडस्लाइड में फंसी गाड़ी, फिर जो हुआ सब हैरान

    By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Wed, 22 Jul 2026 01:12 PM (GMT+05:30)

    जम्मू-पुंछ हाईवे पर भूस्खलन की चपेट में आने के बावजूद सांसद मियां अल्ताफ अहमद सुरक्षित बच गए। हादसे के बाद उन्होंने पैदल चलकर बाढ़ प्रभावित गांवों का ...और पढ़ें

    HighLights

    1. सांसद मियां अल्ताफ की गाड़ी भूस्खलन में फंसी, सुरक्षित बचे।

    2. हादसे के बाद पैदल चलकर बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया।

    3. स्थानीय लोगों ने सांसद के इस कदम की खूब सराहना की।

    डिजिटल डेस्क, पुंछ। जम्मू-कश्मीर में मानसून का कहर जारी है। पहाड़ों से मलबा गिर रहा है, नदियां उफान पर हैं और सड़कें हर घंटे बंद हो रही हैं। ऐसे में अगर कोई जनप्रतिनिधि खुद बाढ़ पीड़ितों से मिलने निकल पड़े, तो रास्ता कितना भी खतरनाक क्यों न हो, उसका हौसला ही खबर बन जाता है। कुछ ऐसा ही बुधवार को जम्मू-पुंछ हाईवे पर हुआ।

    अनंतनाग-राजौरी सीट से सांसद मियां अल्ताफ अहमद की सरकारी गाड़ी लैंडस्लाइड की चपेट में आ गई। गाड़ी फंस गई, चारों तरफ मलबा और कीचड़, लेकिन किस्मत और हौसले ने बड़ा हादसा टाल दिया।

    बुधवार दोपहर सांसद मियां अल्ताफ अहमद बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए जम्मू से पुंछ की ओर जा रहे थे। जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे पर अचानक ऊपर पहाड़ी से बड़ा सा मलबा खिसक आया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लैंडस्लाइड इतनी तेज थी कि सांसद की आधिकारिक गाड़ी उसी में फंस गई। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी रोक दी। अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई है लेकिन किसी को चोट नहीं आई है। सांसद समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए।

    Mian Altaf Poonch MP

    बाल-बाल बचे सांसद, चेहरे पर शिकन तक नहीं

    सबसे बड़ी बात- हादसे के बाद सांसद घबराए नहीं। न काफिला वापस मोड़ा, न दौरा रद किया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वापस जाने को कहा, लेकिन मियां अल्ताफ ने पैदल ही आगे बढ़ने का फैसला किया।

    कीचड़ भरे रास्ते, लगातार गिर रहे छोटे पत्थरों के बीच वो पैदल चलकर बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंचे। स्थानीय लोगों से मिले, नुकसान का जायजा लिया और प्रशासन को तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

    उनके इस कदम की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है। एक पीड़ित ने कहा, 'नेता अक्सर हेलीकॉप्टर से देखते हैं, हमारे सांसद कीचड़ में पैदल चलकर आए।'

    जम्मू-पुंछ हाईवे पर क्यों बढ़ा है खतरा?

    240 किलोमीटर लंबा जम्मू-पुंछ हाईवे जम्मू-कश्मीर की लाइफलाइन है। यह सीमा के दो जिलों राजौरी और पुंछ को जोड़ता है। पिछले 4 दिनों से लगातार बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो गई है।

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    कालिधार, सुरनकोट और बफलियाज के पास हर मानसून में लैंडस्लाइड होती है। बीआरओ (BRO) द्वारा सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है, जिससे कई जगह पहाड़ काटे गए हैं, वहां फिसलन और ज्यादा है।

    मौसम विभाग ने 19 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया हुआ है। इसी कारण जम्मू-पुंछ हाईवे के साथ-साथ मुगल रोड पर भी रुक-रुक कर जाम और मलबा गिरने की खबरें आ रही हैं।