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    पुंछ के दो गांवों में मिले दो जंग लगे मोर्टार गोले, सेना ने धमाके के साथ किया नष्ट, Bomb Squad बना फरिश्ता

    By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 03:27 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में दो अलग-अलग जगहों पर जंग लगे दो मोर्टार गोले मिले, जिन्हें सेना के बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित नष्ट कर दिया। ...और पढ़ें

    पुंछ में मिले दो जंग लगे मोर्टार गोले, सेना ने नियंत्रित धमाके से किया नष्ट। फाइल फोटाे।

    पुंछ में मिले दो जंग लगे मोर्टार गोले, सेना ने नियंत्रित धमाके से किया नष्टफाइल फोटाे।

    HighLights

    1. पुंछ में दो जंग लगे मोर्टार गोले बरामद, बड़ा हादसा टला।

    2. सेना के बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से नष्ट किए।

    3. ये गोले LoC पर हुई पुरानी गोलाबारी के अवशेष हैं।

    डिजिटल डेस्क, पुंछ। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ जिले में सोमवार को दो अलग-अलग जगहों से दो जंग लगे मोर्टार के गोले बरामद होने से हड़कंप मच गया। दोनों ही गोले फटे नहीं थे और खुले खेतों में पड़े हुए थे।

    समय रहते ग्रामीणों की सूझबूझ और सेना की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। सेना के बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) ने मौके पर पहुंचकर दोनों विस्फोटकों को नियंत्रित धमाके के साथ सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।

    अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों गोले नियंत्रण रेखा (LoC) पर अतीत में हुई सीमा पार गोलाबारी के अवशेष माने जा रहे हैं, जो अब खेतों में सामने आ रहे हैं।

    पहली घटना: मनकोट के छज्जला पुल के पास खेत में मिला गोला

    पहला मामला मनकोट इलाके का है। सोमवार सुबह ग्रामीण अपने काम से छज्जला पुल के पास से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर एक खुले मैदान में पड़ी एक संदिग्ध लोहे की वस्तु पर पड़ी। करीब जाकर देखने पर पता चला कि वह एक जंग लगा हुआ मोर्टार शेल है।

    गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना पुलिस और पास में तैनात सुरक्षा बलों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और सेना की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। आम लोगों को उस जगह से दूर रहने की हिदायत दी गई ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।

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    इसके बाद विशेषज्ञों की टीम यानी सेना के बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। दस्ते ने पूरे प्रोटोकॉल के साथ विस्फोटक की जांच की और फिर सभी मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उसे वहीं एक नियंत्रित विस्फोट में नष्ट कर दिया। धमाके की आवाज से एक बार फिर गांव में दहशत फैली, लेकिन सेना के जवानों ने लोगों को समझाया कि अब खतरा पूरी तरह टल गया है।

    दूसरी घटना: मेंढर नाले के पास अधाकी गांव में मिला दूसरा गोला

    इसी तरह की दूसरी घटना मेंढर इलाके से सामने आई। मेंढर नाले के करीब स्थित अधाकी गांव में किसानों को अपने कृषि खेतों में काम के दौरान एक और फटा नहीं हुआ मोर्टार का गोला मिला। खेत में गोला पड़ा देख किसान सहम गए।

    ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इस पर भी तुरंत कार्रवाई करते हुए बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर दूसरे गोले को भी सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।

    LoC पर पुरानी गोलाबारी का अवशेष हैं ये गोले

    अधिकारियों के अनुसार, पुंछ जिला नियंत्रण रेखा के बेहद करीब है और अतीत में यहां अक्सर सीमा पार से भारी गोलाबारी होती रही है। कई बार मोर्टार के गोले फट नहीं पाते और जमीन में धंस जाते हैं या खेतों-नालों में पड़े रह जाते हैं। समय के साथ इन पर जंग लग जाती है, लेकिन इनमें मौजूद विस्फोटक अब भी उतना ही खतरनाक बना रहता है। बारिश या खेती-बाड़ी के दौरान मिट्टी के हटने से ऐसे गोले अक्सर सामने आ जाते हैं।

    सेना ने एक बार फिर सीमावर्ती गांवों के लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु, लोहे का गोला या विस्फोटक जैसी चीज दिखे तो उसे खुद छूने या हटाने की कोशिश बिल्कुल न करें। तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी, सेना कैंप या प्रशासन को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सतर्कता कई जिंदगियां बचा सकती है।