जम्मू-कश्मीर के पुंछ में LoC पर बारूदी सुरंग में धमाका, सेना का जवान गंभीर रूप से घायल
पुंछ के बालाकोट सेक्टर में एलओसी पर गश्त के दौरान बारूदी सुरंग फटने से सेना का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। हवलदार शिव सिंह को प्राथमिक उपचार के ...और पढ़ें

फोटो एआई द्वारा बनाई गई है
HighLights
पुंछ में LoC पर बारूदी सुरंग विस्फोट में जवान घायल।
घायल हवलदार शिव सिंह को राजौरी सैन्य अस्पताल रेफर।
बारिश से खिसकी सुरंगें, सेना ने मोर्टार शेल भी निष्क्रिय किया।
संवाद सहयोगी, पुंछ। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिला पुंछ के मेंढर तहसील के बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नजदीक शनिवार को गश्त के दौरान बारूदी सुरंग के विस्फोट में सेना का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद उसे तत्काल सैन्य चिकित्सा केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उसे राजौरी के सैन्य अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालाकोट क्षेत्र में एलओसी पर तैनात भारतीय सेना की एक टुकड़ी नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान हवलदार शिव सिंह, जो जेक राइफल्स के जवान हैं, का पैर गश्ती मार्ग पर बिछाई गई बारूदी सुरंग पर पड़ गया। जैसे ही उनका पैर सुरंग पर पड़ा, जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल जवान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
विस्फोट के बाद मौके पर मौजूद अन्य सैनिकों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए घायल जवान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्हें तत्काल सैन्य मुख्यालय के चिकित्सा केंद्र में ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर पाते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजौरी स्थित सैन्य अस्पताल भेज दिया। फिलहाल वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, घायल जवान को विस्फोट में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं, ताकि घुसपैठ की कोशिशों को रोका जा सके। लेकिन कई बार प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण ये सुरंगें अपने स्थान से खिसक जाती हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
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विशेष रूप से तेज बारिश के बाद ऐसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण बारूदी सुरंगें अपनी मूल स्थिति से हटकर आगे-पीछे हो जाती हैं, जिससे गश्त कर रहे सैनिकों और स्थानीय लोगों के लिए खतरा उत्पन्न हो जाता है।
भारी बारिश के बीच घटनाओं में इजाफा
हाल के दिनों में पुंछ जिले में हुई भारी बारिश के बाद इस तरह की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। इसी बीच मेंढर के बलनोई सेक्टर के सागरा क्षेत्र में सेना ने एक अन्य अभियान के दौरान एक पुराना और जंग लगा मोर्टार शेल भी बरामद किया। यह शेल सीमावर्ती गांव के पास मिला, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया। दस्ते ने स्थिति का आकलन किया और पाया कि मोर्टार शेल काफी पुराना और जंग लगा हुआ है, जिससे इसके फटने का खतरा बना हुआ था। इसके बाद बम निरोधक टीम ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि किसी प्रकार का नुकसान न हो और आसपास के लोगों की सुरक्षा बनी रहे। स्थानीय लोगों ने सेना की तत्परता और पेशेवर तरीके से कार्रवाई की सराहना की। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एलओसी के पास गश्त और निगरानी को और सख्त कर दिया है। साथ ही जवानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
सेना के जवान जोखिम भरी परिस्थितियों में निभाते हैं अपनी ड्यूटी
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिक किस तरह कठिन और जोखिम भरी परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभाते हैं। देश की सुरक्षा के लिए वे हर पल खतरे का सामना करते हैं।
प्रशासन और सेना ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के बारे में तुरंत सुरक्षा बलों को सूचित करें और स्वयं उससे दूर रहें। फिलहाल घायल जवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है और सेना द्वारा हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।