पुंछ में ढाबे पर गैस सिलेंडर में लगी आग, झुलसने के बावजूद रसोइये की साहसिक कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
पुंछ नगर में एक ढाबे पर खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई। रसोइया फरीद अहमद ने अपनी जान की परवाह किए बिना जलते सिलेंडर को उठाकर नदी में फेंक दिय ...और पढ़ें

रसोइया ने जलते सिलेंडर को उठाकर नदी में फेंका, बच गई कई जानें।
HighLights
पुंछ के ढाबे में खाना बनाते समय सिलेंडर में आग लगी।
रसोइये फरीद अहमद ने जलता सिलेंडर नदी में फेंका।
उनकी बहादुरी से बड़ा विस्फोट टला, कई जानें बचीं।
संवाद सहयोगी, पुंछ। पुंछ नगर में शेरे कश्मीर पुल के नजदीक जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक ढाबे (होटल ) में बुधवार को खाना बनाते समय एक सिलेंडर में आग लग गई। आग बुझाने के प्रयास में रसोइया मामूली रूप से झुलस गया।
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर को ढावे का रसोइया फरीद अहमद ग्राहकों के लिए खाना बना रहा था तभी अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग का विकराल रूप धारण करते ही ढाबे के नजदीक हफरा तफरी का महोल बन गया आग की लपटे होटल की दुसरी मंजिल तक पहुचने लगी। जिससे ग्राहकों और नजदीक के दुकनदारो में दहशत फैल गई।
आग की लपटें तेजी से फैल रही थीं और गैस सिलेंडर में विस्फोट की आशंका को देखते हुए एवं मोके पर किसी प्रकार की सहायता नहीं मिलतें देख ढाबे के रसोइये फरीद अहमद ने साहस और सूझबूझ का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना आग की लपटों के बीच जलते हुए सिलेंडर को उठाकर ढाबे से बहार फेका।
सड़क पर खडे़ दर्जनों वाहन आग की चपेट में नहीं आए फरीद ने एक हुक की सहायता से जलते गैस सिलेंडर को ढाबे से लगभग तीन सौ मीटर दूर जाकर नदी में फेक दिया, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाके में एक विनाशकारी विस्फोट होने से बच गया। हलाकि इस दौरान आग बुझाने के प्रयास में रसोइया मामूली रूप से झुलस गया।
फरीद अहमद के इस साहसी और समयोचित कार्य ने मौके पर मौजूद कई लोगों की जान बचाई, जो अन्यथा एक बड़ी दुर्घटना घट सकतीं थी। स्थानीय लोगों ने उनके साहस की सराहना करते हुए प्रशासन से फरीद अहमद की असाधारण बहादुरी को सम्मानित और पुरस्कृत करने का भी आग्रह किया है, जिसने अपनी सुझबुझ से कई लोगों की जान बचाई और भारी नुकसान को रोका।