3 घंटे में पुल तैयार, घंटों में हाईवे क्लियर, राजौरी-पुंछ में व्हाइट नाइट कॉर्प्स के तूफानी रेस्क्यू ने जीता सबका दिल
भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित राजौरी-पुंछ में व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने त्वरित बचाव अभियान चलाए। जवानों ने टूटे पुलों को बहाल किया, हाईवे साफ किया। ...और पढ़ें

राजौरी-पुंछ में व्हाइट नाइट कॉर्प्स का तूफानी रेस्क्यू।
HighLights
NH-144A पर मलबा हटाकर यातायात बहाल किया।
खारी करमारा में क्षतिग्रस्त पुल को 3 घंटे में ठीक किया।
दारा सांगला में बाढ़ प्रभावितों को जान जोखिम में डालकर चिकित्सा दी।
डिजिटल डेस्क, पुंछ। भारी बारिश, उफनते नाले और टूटी सड़कों के बीच जब राजौरी-पुंछ के कई इलाकों में जनजीवन ठहर गया, तब व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय सेना सिर्फ सीमा की ही नहीं, बल्कि हर दिल की भी रखवाली करती है।
राजौरी-पुंछ क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान के बीच व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने कई त्वरित मानवीय सहायता अभियान चलाए, जिससे स्थानीय समुदायों की मदद के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता फिर से देखने को मिली।
जरां वाली गली, पुंछ में त्वरित बचाव
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय की चारदीवारी ढह कर कई खड़ी गाड़ियों पर गिर गई, जिससे NH-144A पर आवाजाही बाधित हो गई और बड़ा खतरा पैदा हो गया। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवान बिना देर किए विशेष उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मलबा हटाया, फंसे हुए वाहनों को निकाला और स्थानीय लोगों की मदद की। उनके समन्वित प्रयासों से नेशनल हाईवे पर यातायात बहाल हुआ और यात्रियों को हो रही परेशानी खत्म हुई।

खारी करमारा, पुंछ में 3 घंटे में पुल बहाल
एक अन्य अभियान में खारी करमारा के पास तेज बारिश और तेज बहाव के कारण एक महत्वपूर्ण पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे स्थानीय संपर्क टूट गया। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने 79 RCC (BRO) और स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया। खराब मौसम और कठिन जमीनी हालात के बावजूद, क्षतिग्रस्त संपर्क को मात्र तीन घंटों के भीतर बहाल कर दिया गया, जिससे प्रभावित समुदाय फिर से जुड़ गया और जरूरी आवाजाही शुरू हो सकी।
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दारा सांगला में जान जोखिम में डालकर इलाज
वहीं दारा सांगला, पुंछ में फ्लैश फ्लड के कारण एक लोहे का पुल बह गया, जिससे पूरा गांव अलग-थलग पड़ गया और मेडिकल सुविधा तक पहुंच मुश्किल हो गई। भारतीय सेना की मेडिकल टीम ने लकड़ी के लट्ठों से बनी अस्थायी पुलिया से उफनते नाले को पार किया और प्रभावित लोगों तक पहुंची। टीम ने तेजी से ट्राइएज किया, आपातकालीन प्राथमिक उपचार दिया, एक घायल नागरिक का इलाज किया और महिलाओं, बच्चों सहित अन्य ग्रामीणों को आवश्यक दवाएं दीं। समय पर की गई इस कार्रवाई से घायलों की हालत स्थिर हुई और आगे की स्वास्थ्य जटिलताओं को रोका जा सका।

इन अभियानों ने मांग और खतरनाक परिस्थितियों में भारतीय सेना की तैयारी, व्यावसायिकता और मानवीय भावना को प्रदर्शित किया। त्वरित बचाव, बहाली और चिकित्सा सहायता के माध्यम से जवानों ने सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की, महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों को बहाल किया और प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता पहुंचाई।