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    जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम का कहर, पुंछ में 31 जुलाई को बंद रहेंगे सभी सरकारी और निजी स्कूल

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 10:32 PM (IST)

    पुंछ जिले में खराब मौसम और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने 31 जुलाई को सभी सरकारी व निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। ...और पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर के पुंछ में बंद रहेंगे सभी स्कूल। फाइल फोटो

    जम्मू-कश्मीर के पुंछ में बंद रहेंगे सभी स्कूल। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, राजौरी। लगातार प्रतिकूल मौसम और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) पुंछ ने जिले के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में 31 जुलाई को अवकाश घोषित किया है। यह निर्णय जिले में जारी खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए एहतियातन लिया गया है।

    मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) पुंछ की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी तथा निजी स्कूल शुक्रवार, 31 जुलाई को बंद रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए मौसम सामान्य होने तक यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

    पिछले कुछ दिनों से पुंछ जिले में लगातार बारिश और प्रतिकूल मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति बनी हुई है। ऐसे हालात में स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा या जोखिम से बचाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

    शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रबंधनों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को स्कूल न भेजें और मौसम संबंधी प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करें।

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    जिला प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मौसम में सुधार होता है तो अगले कार्य दिवस से विद्यालयों के संचालन को लेकर अलग से सूचना जारी की जाएगी।
    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय पूरी सावधानी के साथ लिया गया है।
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