यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mehbooba Mufti: समर्थकों के हिरासत में लेने पर भड़की महबूबा मुफ्ती, कहा- अगर मेरे संसद जाने से इतना डरते हैं तो...
अनंतनाग राजौरी सीट (Anantnag Rajouri Seat) पर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने चुनाव के दौरान एक पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन क ...और पढ़ें

बिजबेहरा, पीटीआई। (Lok Sabha Election 2024) पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की कथित हिरासत के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में एक पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जहां लोकसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान चल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर पर आउटगोइंग कॉल को बंद कर दिया गया।
हालांकि, पुलिस ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोग ओवरग्राउंड वर्कर (Over Ground Worker) (ओजीडब्ल्यू) हैं और यह कार्रवाई चुनाव के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है। अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतरे 20 उम्मीदवारों में से एक महबूबा ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिजबेहरा पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की।
पीडीपी पोलिंग एजेंटों को बनाया जा रहा निशाना- महबूबा मुफ्ती
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमारे पीडीपी पोलिंग एजेंटों को निशाना बनाया जा रहा है और गिरफ्तार किया जा रहा है। हम कारण पूछ रहे हैं लेकिन वे कुछ नहीं बता रहे हैं। अगर वे मेरे संसद जाने से इतना डरते हैं तो उपराज्यपाल को मुझे चुनाव नहीं लड़ने के लिए कहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह की 'धांधली' 1987 में देखी गई थी, जिसके बारे में कई लोगों का मानना है कि कश्मीर में आतंकवाद भड़क उठा। वहीं, पुलिस ने कहा कि केवल कुछ लोगों को ही हिरासत में लिया गया है जिनका पिछला रिकॉर्ड 'दागी' है और जो मतदान के दिन कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
खबरें और भी
शांतिपूर्ण मतदान के लिए हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता- पुलिस
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, वे ओवरग्राउंड वर्कर हैं और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया गया है। एक प्रदर्शनकारी यास्मीन ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों में उसका पति भी शामिल है। मैं कल रात से बहुत चिंतित हूं। मेरे पति किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं हैं और फिर भी उन्हें हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने कहा कि हमें उनसे मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। आज मतदान का दिन है और सभी को मतदान करने का अधिकार है। उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया और मतदान करने से क्यों रोका गया? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और नागरिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख को नाकाबंदी हटाने के लिए एक घंटे से अधिक समय तक मनाने की असफल कोशिश की। उन्होंने बताया कि दर्शकों की बढ़ती भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस कर्मियों ने हल्का लाठीचार्ज किया। विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे मीडियाकर्मियों ने दावा किया कि लाठियों की मार से उनमें से कुछ घायल हो गए।
धरना स्थल से हटकर महबूबा ने डाला वोट
मीडियाकर्मियों को मतदान केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बूथ से 100 मीटर पहले ही रोक दिया। शुक्रवार को महबूबा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर दावा किया था कि पीडीपी कार्यकर्ताओं और पोलिंग एजेंटों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
ये भी पढ़ें: Jammu News: पटनीटॉप हाफ मैराथन में दौड़ेंगे देशभर के 600 धावक, गोंडोला में मिलेगी फ्री राइड
एक्स पोस्ट पर महबूबा मुफ्ती ने कही ये बात
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि हमारे कई पीडीपी पोलिंग एजेंटों और कार्यकर्ताओं को मतदान से ठीक पहले हिरासत में लिया जा रहा है। जब परिवार पुलिस स्टेशनों में गए तो उन्हें बताया जा रहा है कि यह एसएसपी अनंतनाग और डीआइजी दक्षिण कश्मीर के आदेश पर किया जा रहा है। हमने @ECISVEEP को लिखा है उनके समय पर हस्तक्षेप की उम्मीद है।
इससे पहले शनिवार को महबूबा ने बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर आउटगोइंग कॉल को बिना किसी स्पष्टीकरण के निलंबित कर दिया गया है। मैं सुबह से कोई कॉल नहीं कर पा रही हूं। अनंतनाग लोकसभा क्षेत्र में मतदान के दिन अचानक सेवाओं को निलंबित करने का कोई स्पष्टीकरण नहीं है।