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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    25 दिन में 17 की मौत, एक ही खानदान के लोगों के मरने पर गहराई साजिश की आशंका; बडाल गांव में डर का माहौल

    Updated: Mon, 20 Jan 2025 10:44 AM (IST)

    Mysterious death in Badal village रहस्यमयी कारणों से बडाल गांव में अब तक एक ही खानदान के 17 लोगों की मौत हो गई है लेकिन मौतों का कारण अभी तक पता नहीं ...और पढ़ें

    राजौरी डाक बंगला के आसपास गश्त करते जवान। (फोटो- जागरण)
    राजौरी डाक बंगला के आसपास गश्त करते जवान। (फोटो- जागरण)

    HighLights

    1. आठ दिन के अंदर ही मुहम्मद असलम के छह बच्चों की जा चुकी है जान
    2. उसके मामा-मामी की भी हो गई मौत, फजल के चार बच्चे काल के गाल में समाए
    3. फजल और असलम रिश्ते में जीजा-साला लगते हैं, गहरा रही साजिश की आशंका

    जागरण संवाददाता, राजौरी। राजौरी के बडाल गांव (Badal Village Rajouri) में डेढ़ माह में एक ही खानदान के 17 लोगों की मौत हो गई, लेकिन इन मौतों के कारणों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। कुछ पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की बात सामने आने पर पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया है।

    ये टीम लगातार लोगों से पूछताछ कर मामले को सुलझाने करने का प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक कुछ साफ नहीं हो पाया है। लगातार हो रही मौतों के कारण लोगों में डर का माहौल है।

    दिसंबर से शुरू हुआ मौत का सिलसिला

    सात दिसंबर को फजल हुसैन के साथ इसकी पत्नी व चार बच्चे बीमार हो गए। उस समय बताया गया कि फजल के घर में शादी थी। परिवार के सदस्यों ने कोई बचा हुआ खाना खाया, जिस कारण लोग बीमार हो गए। इस मामले में फजल हुसैन के साथ उसके चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि उपचार के बाद पत्नी ठीक हो गई।

    घटना के ठीक पांच दिन बाद फजल के ही करीबी रिश्तेदार मुहम्मद रफीक के तीन बच्चे भी बीमार हो गए। उन्हें भी उल्टी, बुखार व बेहोशी की शिकायत हुई। उपचार के दौरान तीनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। इसके बाद 23 दिसंबर को मुहम्मद रफीक की पत्नी रजीम अख्तर बीमार हो गई और उसकी भी मौत हो गई।

    एक ही खानदान के लोगों की क्यों जा रही जान?

    इसके बाद फिर यह मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया। 12 जनवरी को एक बार फिर से मुहम्मद असलम के छह बच्चे बीमार हो गए। मुहम्मद असलम और फजल अहमद जीजा-साला लगते हैं। आठ दिन के अंदर ही मुहम्मद असलम के छह बच्चों की मौत हो गई।

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    जबकि मुहम्मद असलम के मामा-मामी जो मुहम्मद रफीक के मासी-मौसा लगते थे, वे भी मारे गए। अब सवाल यह उठता है कि एक ही खानदान के तीन परिवारों के लोगों की जान क्यों जा रही है।

    गांव के अन्य किसी परिवार के सदस्य इस तरह की घटना के शिकार क्यों नहीं हो रहे हैं? यह घटना एक बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रही है। मामले की जांच लगातार जारी है।

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    जांच टीम को नहीं मिल रहा सुराग

    पुलिस की विशेष जांच टीम लोगों से सवाल-जवाब कर रही है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा है। इस मामले को संपत्ति और किसी महिला के चक्कर को भी जोड़ कर देखा जाने लगा है। फिलहाल जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगी की इन मौतों के पीछे के कारण क्या हैं?

    अगर कोई जहर दे रहा है तो वह जहर कहां से ला रहा है और किसके कहने पर जहर दिया जा रहा है और खासकर बच्चों को। इस घटना से पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह है कि पुलिस की विशेष जांच टीम कब तक इस मामले को हल करती है?

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