सावधान! अब राजौरी में शिक्षकों की ZEO ऑफिस एंट्री बैन, बिना लिखित अनुमति पहुंचे तो होगी कार्रवाई
राजौरी के जोनल शिक्षा अधिकारी ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ...और पढ़ें

राजौरी में शिक्षकों को ZEO कार्यालय आने के लिए लेनी होगी लिखित अनुमति।
HighLights
राजौरी ZEO ने शिक्षकों के कार्यालय आने पर लगाई पाबंदी।
बिना पूर्व लिखित अनुमति के आने पर होगी सख्त कार्रवाई।
स्कूलों में शिक्षण कार्य को सुचारु बनाए रखना मुख्य उद्देश्य।
जागरण संवाददाता, राजौरी। राजौरी के जोनल शिक्षा अधिकारी (जेडईओ) बशीर अहमद वानी ने सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य को निर्बाध बनाए रखने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
आदेश के तहत अब सरकारी स्कूलों के शिक्षक एवं शिक्षा अधिकारी कार्य समय के दौरान बिना पूर्व लिखित अनुमति के जोनल शिक्षा अधिकारी कार्यालय नहीं आ सकेंगे। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जारी सर्कुलर में कहा गया है कि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि विभिन्न सरकारी विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी अवकाश स्वीकृति, व्यक्तिगत कार्य, आवेदन जमा करने, शिकायतें देने तथा अन्य प्रशासनिक मामलों के लिए कार्य समय के दौरान बड़ी संख्या में जेडईओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। इससे न केवल कार्यालय के नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि स्कूलों में शिक्षण गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
जोनल शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की बार-बार कार्यालय यात्राओं के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है और कक्षाओं का नियमित संचालन प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि किसी भी शिक्षक को कार्य समय में बिना पूर्व लिखित अनुमति के कार्यालय आने की अनुमति नहीं होगी।
अनुमति मिलने पर ही आएं कार्यालय
सर्कुलर के अनुसार यदि किसी शिक्षक को अवकाश संबंधी स्वीकृति, आवेदन जमा करना, कोई शिकायत दर्ज करानी हो या किसी अन्य आधिकारिक कार्य के लिए कार्यालय आना आवश्यक हो, तो वह अपनी मांग या आवेदन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य अथवा स्कूल प्रमुख (हेड ऑफ इंस्टीट्यूशन) के माध्यम से भेजेगा। केवल अत्यंत आवश्यक और वास्तविक मामलों में ही संबंधित शिक्षक को पूर्व अनुमति मिलने पर कार्यालय आने की अनुमति दी जाएगी।
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जोनल शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालय प्रमुखों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने संस्थानों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि नियमित कक्षाओं का संचालन प्रभावित न हो। साथ ही उन्होंने प्रत्येक आवेदन और प्रकरण की गंभीरता से जांच कर केवल वास्तविक एवं आवश्यक मामलों को ही जेडईओ कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई शिक्षक बिना अनुमति के विद्यालय छोड़कर कार्यालय पहुंचता है या कार्य समय में अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसे सरकारी आदेशों की अवहेलना माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करें
इसके अतिरिक्त विद्यालय प्रमुखों को भी इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यदि किसी विद्यालय से बिना अनुमति के शिक्षक कार्यालय पहुंचते पाए जाते हैं तो संबंधित स्कूल प्रमुख की जवाबदेही भी तय की जाएगी। विभाग ने सभी प्रधानाचार्यों एवं विद्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे इस आदेश की प्रति अपने विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों तक पहुंचाएं और इसके कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करें।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस निर्णय से विद्यालयों में शिक्षण कार्य अधिक व्यवस्थित होगा, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी तथा प्रशासनिक कार्यों में भी अनावश्यक भीड़ और व्यवधान कम होगा। विभाग ने उम्मीद जताई है कि शिक्षक और विद्यालय प्रमुख इस आदेश का पालन करते हुए शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने में सहयोग करेंगे।
जोनल शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।