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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Amarnath Yatra: खराब मौसम में सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन, 3500 से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला

    Updated: Thu, 17 Jul 2025 05:13 PM (IST)

    कश्मीर घाटी में तैनात सुरक्षाबल अमरनाथ यात्रा को सुचारू बनाने में सहयोग कर रहे हैं। बालटाल में सेना के जवानों ने भूस्खलन और खराब मौसम में फंसे 3500 से ...और पढ़ें

    खराब मौसम के कारण यात्रा मार्ग अभी भी रुका हुआ है।
    खराब मौसम के कारण यात्रा मार्ग अभी भी रुका हुआ है।

    HighLights

    1. बुधवार को रायलपथरी-बररीमार्ग के बीच हुआ था भूस्खलन।
    2. सेना ने मार्ग में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया।
    3. भूस्खलन की चपेट में आकर 55 वर्षीय महिला की हुई थी मौत।

    जागरण संवाददाता,श्रीनगर। देश की सुरक्षा तथा आतंकियों से लोहा लेने के साथ-साथ कश्मीर घाटी में तैनात सुरक्षाबल इन दिनों चल अमरनाथ जी की वार्षिक यात्रा को सुचारू व सफल बनाने में भी अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं।

    बाबा बर्फानी के दर्शनों को देश भर से पहुंच रहे इन श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित बनाने व जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए ये जवान दिन-रात अपने कर्त्यवों को पूरी निष्ठा व जिम्मेदारी से निभा रहे है।

    अपने इस कर्तव्य का पालन करते हुए बालटाल में तैनात सेना के जवानों ने भूस्खलन व खराब मौसम में फंसे 3,500 से अधिक अमरनाथ यात्रियों को सुरक्षित निकाल निकटवर्ती शिविरों में पहुंचाया। ये लोग बुधवार 16 जुलाई की शाम को रायलपथरी और बररीमार्ग के बीच जेड मोड़ के पास हुए एक बड़े भूस्खलन के कारण फंसे हुए थे।

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    लगातार भारी बारिश के दौरान शाम 7:15 बजे के आसपास हुए भूस्खलन ने यात्रा मार्ग पर अचानक सभी आवाजाही रोक दी। हजारों तीर्थयात्री विभिन्न यात्रा मार्गों पर फंस गए। सूचना मिलते ही बररीमार्ग में तैनात सेना की टुकड़ी ने संभावित आपदा को रोकने के लिए एक समन्वित बचाव और राहत अभियान शुरू किया। लगभग 500 तीर्थयात्रियों को तुरंत सेना के टेंट में शरण दी और उन्हें चाय व पीने का पानी उपलब्ध कराया।

    इसी बीच बररीमार्ग और जेड मोड़ के बीच भी विभिन्न लंगरों में 3,000 अतिरिक्त यात्रियों को ठहराया गया। यहां स्वयंसेवकों और सेना के जवानों ने उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए मिलकर काम किया।

    सेना के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बररीमार्ग स्थित कैंप निदेशक और भारतीय सेना के कंपनी कमांडर पूरे अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रहे। व्यक्तिगत रूप से बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे। अधिकारी ने कहा कि सभी तीर्थयात्री स्वस्थ हैं और निकटवर्ती शिविरों में ठहराए हुए हैं।

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    बता देते हैं कि बुधवार शाम रायलपथरी के निकट भूस्खलन की चपेट में आकर एक महिला श्रद्धालु 55 वर्षीय सोना बाई निवासी राजस्थान की मौत हो गई थी। इस घटना में 9 श्रद्धालु घायल हो गए थे जबकि एक लापता था।

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    इधर आज भी बालटाल यात्रा मार्ग पर रायलपथरी और बररीमार्ग दोनों जगहों पर हल्की बारिश का मौसम बना हुआ है,लेकिन स्थिति फिलहाल स्थिर और नियंत्रण में है। बता देते हैं कि आज भी खराब मौसम के चलते दोनों यात्रा मार्गों से यात्रा रुकी हुई है।