यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu Kashmir News: लाल चौक में वीरों की शौर्य गाथा सुनाएगा बलिदान स्तंभ, स्वतंत्रता दिवस पर देश को किया जाएगा समर्पित
श्रीनगर में स्थित लाल चौक के प्रताप सिंह पार्क में बलिदान स्तंभ बनकर तैयार हो चुका है। कश्मीर को आतंकवाद से मुक्ति दिलाने में प्राणों की आहुति देने वा ...और पढ़ें

HighLights
- लाल चौक में बलिदान स्तंभ बनकर तैयार
- बलिदानियों के साथ जान देने वाले आम लोगों के नाम भी हैं अंकित
- पिछले वर्ष केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रखी थी आधारशिला
रजिया नूर, श्रीनगर। श्रीनगर का दिल कहलाने वाला ऐतिहासिक लाल चौक अब बलिदानियों की शौर्य गाथा सुनाएगा। कश्मीर घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक लाल चौक में आकर जान सकेंगे कि कैसे हमारे वीरों ने कश्मीर को आतंकवाद के काले साये से मुक्ति दिलाने के लिए अपने प्राणों की आहुतियां दी हैं।
सुरक्षाबल के बलिदानों और आम लोगों को समर्पित बलिदान स्तंभ बनकर तैयार हो चुका है। इस स्तंभ में बलिदानियों के साथ उन आम लोगों के नाम भी अंकित हैं, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने में अपनी जान दी है।
कल देश को किया जाएगा समर्पित
लाल चौक के प्रताप पार्क में स्थित यह बलिदान स्तंभ 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस पर देश को समर्पित कर दिया जाएगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इसका उदघाटन कर सकते हैं। यह श्रीनगर में किसी सार्वजनिक स्थल पर अपनी तरह का पहला बलिदान स्तंभ है।
पिछले वर्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर दौरे के दौरान इस बलिदान स्तंभ की आधारशिला रखी थी। कश्मीर में राजा महाराजाओं व मुगलों की याद में कई स्मारक मौजूद हैं, लेकिन 1990 के दशक में फैले आतंकवाद से लड़ते बलिदान होने वाले सुरक्षाबलों व आम नागरिकों की याद में बनने वाला यह श्रीनगर में पहला स्तंभ है।
खबरें और भी
प्रताप सिंह पार्क में बना है यह बलिदान स्तंभ
यह बलिदान स्तंभ लाल चौक में घंटाघर से मात्र 250 मीटर दूर प्रताप सिंह पार्क में बना है। बलिदान स्तंभ ने इस पूरे क्षेत्र को और ज्यादा विशेष बना दिया है। एक वर्ष के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
वहीं, स्थानीय युवक आमिर अब्बास ने कहा कि यह बलिदान स्तंभ हमें याद दिलाता रहेगा कि हमें आतंकवाद के शिकंजे से मुक्ति दिलाने में किन लोगों ने अपनी कुर्बानी दी है। यह स्तंभ हमें सीधे रास्ते पर कदम जमाए रखने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
यह भी पढ़ें: Doda Encounter: स्वतंत्रता दिवस से पहले डोडा में मुठभेड़, एक आतंकी ढेर; सेना का अधिकारी शहीद
पर्यटकों के लिए बना आकर्षण का केंद्र
श्रीनगर के लाल चौक का पूरा क्षेत्र कभी आतंकवाद, अलगाववाद और पत्थरबाजी का गढ़ हुआ करता था। कश्मीर के युवाओं को गुमराह करने वाले राष्ट्रविरोधी नारे इसी क्षेत्र में गूंजते थे। वर्ष 2019 को अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के बाद घाटी में आए सकारात्मक बदलाव के बीच देश विदेश से रिकॉर्ड संख्या में पर्यटन कश्मीर आए।
वहीं, शहर का लाल चौक भी सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया। श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर विशेषकर इस लाल चौक का कायाकल्प हो गया। पोलोव्यू मार्केट, झेलम रिवर व्यू, नये रंगरूप में घंटाघर के बाद अब बलिदान स्तंभ पर्यटकों के आकषर्ण का केंद्र बनेगा।