आठ घंटे में पहुंचें वैष्णो देवी, दिल्ली से कटड़ा के बीच बनेगा हाई स्पीड कॉरिडोर; हरियाणा-पंजाब को भी फायदा
केंद्र सरकार ने दिल्ली-कटड़ा कॉरिडोर (NE-5 एक्सप्रेसवे) को अधिसूचित कर दिया है, जिससे दिल्ली से कटड़ा तक की यात्रा 15-17 ...और पढ़ें

दिल्ली से कटड़ा के बीच बनेगा हाई स्पीड कॉरिडोर (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
दिल्ली-कटड़ा यात्रा समय 15-17 से 6-8 घंटे होगा।
जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब के आर्थिक विकास को गति।
धार्मिक पर्यटन, विशेषकर वैष्णो देवी, को मिलेगा बढ़ावा।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी एनई-5 एक्सप्रेसवे दिल्ली- कटड़ा कॉरिडोर को अधिसूचित कर दिया है। यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर को हरियाणा और पंजाब के रास्ते जम्मू कश्मीर से जोड़ेगा। यह दिल्ली से कटड़ा तक देश के विदेश के श्रद्धालुओं की सड़क के रास्ते यात्रा को सुगम बनाएगा।
मौजूदा परिस्थितियों में दिल्ली से कटड़ा तक की यात्रा सड़क के रास्ते सामान्य परिस्थितियों में 15-17 घंटों में होती है जो हाई-स्पीड दिल्ली-कटड़ा कॉरिडोर के माध्यम से छह से आठ घंटे तक सीमित होने की उम्मीद है।
यह परियोजना पंजाब-हरियाण और दिल्ली में ही नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर के आर्थिक-सामाजिक विकास को भी गति देगी। यह परियोजना औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी, जिससे व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण रणनीतिक माल ढुलाई मार्ग के रूप में भी उभर सकता है।
इससे जम्मू कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को विशेषकर श्रीमात वैष्णो देवी भवन और उसके आस पास के क्षेत्रोें में स्थित धर्मस्थलों व अन्य पर्यटन स्थलों के विकास,प्रचार-प्रचार को भी एक नयी गति और मजबूती मिलेगी। यह मार्ग श्री माता वैष्णो देवी के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को और अधिक सुगम व तेज बनाएगा।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत संशोधन जारी करते हुए इस परियोजना को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल किया है। माना जा रहा है कि यह कदम दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा और इससे भूमि अधिग्रहण, विस्तृत अलाइनमेंट योजना तथा भविष्य के बुनियादी ढांचे के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
कॉरिडोर एनएच-344 से होगा शुरू
अधिसूचना के अनुसार, प्रस्तावित एक्सप्रेसवे दिल्ली में रानी खेड़ा गांव के पास एनएच-344 एमए से शुरू होगा। इसके बाद यह जसौर खेड़ी गांव के पास कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और हरियाणा तथा पंजाब के कई प्रमुख क्षेत्रों से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर में कटड़ा के पास समाप्त होगा।
हरियाणा में यह कॉरिडोर खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बार्टा जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। वहीं पंजाब में यह गुलज़ापुर, पटरान, भवानीगढ़, धुरी, मलेरकोटला, अहमदगढ़, मुल्लांपुर दाखा, नूरमहल, कंगसाबू, करतारपुर, गुरदासपुर बाईपास और बलसुआ से होकर कटड़ा के पास एनएच-144 से जुड़ेगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। इससे यात्रा का समय कम होने के साथ-साथ उत्तरी भारत में लाजिस्टिक्स और माल परिवहन को भी मजबूती मिलेगी।
पर्यटन को भी मिलेगी गति
केंद्र सरकार का यह कदम देशभर में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार और प्रमुख आर्थिक व रणनीतिक कॉरिडोरों में कनेक्टिविटी मजबूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है। परियोजना से निर्माण कार्य के दौरान बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होने की संभावना है। इसके अलावा सड़क किनारे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स पार्क, होटल, औद्योगिक हब और व्यावसायिक गतिविधियों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण प्रस्तावित कॉरिडोर के आसपास बसे छोटे शहरों में निवेश और पर्यटन गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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