370 की बहाली तक जंग जारी रहेगी, पुलिस थाने से निकलते ही गरजीं इल्तिजा मुफ्ती, कहा- 'ये मेरी निजी लड़ाई नहीं'
इल्तिजा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए अपनी शांतिपूर्ण लड़ाई जारी रखने की बात कही है, भले ही उनके खिलाफ कितने भी मामले दर्ज हों। ...और पढ़ें

अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए इल्तिजा मुफ्ती की जंग जारी, पुलिस केस के बावजूद तेवर सख्त।
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) नेता इल्तिजा मुफ्ती ने शुक्रवार को साफ कर दिया है कि वह अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए अपनी शांतिपूर्ण लड़ाई जारी रखेंगी, चाहे उनके खिलाफ कितने भी मामले दर्ज क्यों न हो जाएं।
दरअसल, मंगलवार को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में पीडीपी के प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया है।
इसी मामले में पूछताछ के लिए शुक्रवार को इल्तिजा मुफ्ती को श्रीनगर के कोठीबाग पुलिस स्टेशन तलब किया गया था।
दो घंटे तक चली पूछताछ, तेवर और भी सख्त नजर आए
कोठीबाग थाने में करीब दो घंटे तक चली लंबी पूछताछ के बाद जब इल्तिजा मुफ्ती बाहर निकलीं, तो उनके तेवर और भी सख्त नजर आए। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
इल्तिजा ने कहा, 'मैंने पुलिस को बताया है कि वह जो भी जानना चाहते हैं, मैं सहयोग करने के लिए खुश हूं। अगर मेरे खिलाफ जांच होती है, तो मैं पूरा सहयोग करूंगी।'
उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'मैं न तो पहली लड़की हूं और न ही आखिरी कश्मीरी हूं, जिसे पुलिस ने तलब किया है। मैं यहां हर एक कश्मीरी के लिए लड़ने आई हूं। यह मेरी निजी लड़ाई नहीं है।'
अनुच्छेद 370 पर बात करना मेरा कानूनी हक है
अपने बयान में इल्तिजा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन किसी भी तरह से गैर-कानूनी नहीं था।
पीडीपी नेता ने दो टूक कहा, 'धारा 370 के बारे में बात करना मेरा कानूनी अधिकार है। एक भारतीय नागरिक के तौर पर, मैं शांतिपूर्ण तरीके से, धारा 370 की बहाली के लिए शांतिपूर्ण लड़ाई लड़ने की हकदार हूं। और मैं भारत सरकार को बताना चाहती हूं कि मैं जो कर रही हूं, वह गैर-कानूनी नहीं है।'
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उन्होंने आगे कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के हर एक निवासी के अधिकारों के लिए लड़ती रहेंगी।
जानिए क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की बरसी के आसपास हर साल घाटी में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो जाती है। इसी कड़ी में मंगलवार को पीडीपी ने श्रीनगर में धारा 370 की बहाली की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था।
पुलिस का आरोप है कि इसी प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती और इल्तिजा मुफ्ती ने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी के साथ बदसलूकी और हाथापाई की। हालांकि, पीडीपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने की कोशिश बताया है।
अब इस मामले में केस दर्ज होने और इल्तिजा को समन भेजे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।