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    जम्मू-कश्मीर उपचुनाव: नगरोटा 74.82 व बडगाम में 50.01% हुआ मतदान, दांव पर CM उमर अब्दुल्ला की प्रतिष्ठा

    Updated: Tue, 11 Nov 2025 10:33 PM (IST)

    जम्मू कश्मीर के बडगाम और नगरोटा में विधानसभा उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। नगरोटा में 74.82% और बडगाम में 50.01% मतदान हुआ। बडगाम में नेशनल का ...और पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर उपचुनाव: नगरोटा 74.82 व बडगाम में 50.01% हुआ मतदान। फोटो जागरण

    जम्मू-कश्मीर उपचुनाव: नगरोटा 74.82 व बडगाम में 50.01% हुआ मतदान। फोटो जागरण

    HighLights

    1. बडगाम और नगरोटा में शांतिपूर्ण मतदान

    2. नगरोटा में 74.82% मतदान दर्ज

    3. भाजपा और नेशनल कान्फ्रेंस के लिए प्रतिष्ठा

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश में मंगलवार को दो विधानसभा क्षेत्रों बडगाम और नगरोटा के उपचुनाव में शांतिपूर्ण और विश्वासपूर्ण वातावरण में मतदाताओं में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नगरोटा में 74.82 और बडगाम में 50.01 प्रतिशत मतदान हुआ है। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में किसी भी जगह मतदान के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

    बडगाम में जहां सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस से ज्यादा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, वहीं नगरोटा में भाजपा के लिए सीट को बरकरार रखने के साथ ही उसकी प्रत्याशी देवयानी राणा के लिए पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है। बडगाम सीट गत वर्ष मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा गांदरबल सीट अपने पास रखने और बडगाम से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी जबकि नगरोटा सीट गत वर्ष 31 अक्टूबर 2024 को तत्कालीन विधायक और भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा के निधन से रिक्त हुई थी।

    नगरोटा सीट से भाजपा ने दिवंगत देवेंद्र सिंह राणा की पुत्री देवयानी राणा को ही अपना उम्मीदवार बनाया है। बडगाम में नेशनल कान्फ्रेंस को पीडीपी से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच बागाी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला ने भी मुश्किल पैदा कर रखी है। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक जारी रहा। श्रीनगर के साथ सटे जिला बडगाम में सुबह कड़ाके की ठंड थी, जिसके कारण वहां शुरुआत में मतदान धीमा रहा। लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ता गयामतदान में तेजी आती गई।

    बडगाग में नेशनल कान्फ्रेंस के के आगा सैयद महमूद, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के आगा सैयद मुंतज़िर और भाजपा के आगा सैयद मोहसिन समेत 17 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। बडगाम में 1.26 लाख मतदाताओं के लिए 173 मतदान केंद्र बनाए गए थे। बडगाम सीट पर 1977 से लेकर 2024 के विधानसभा चुनाव तक , नेशनल कान्फ्रेंस ने एकबार भी यह सीट नहीं हारी।

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    उधर, जिला जम्मू के नगरोटा विधानसभा निर्वान क्षेत्र में 97 हजार से अधिक मतदाताओं के लिए 54 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इस सीट पर 10 उमीदवार भाग्य आजमा रहे हैं, लेकिन कड़ा मुकाबला भाजपा की देवयानी राणा, नेशनल कान्फ्रेंस की शमीम बेगम और पैंथ्र्स पार्टी के हर्ष देव सिंह के बीच ही नजर आया है।

    यह दोनों निर्वाचन क्षेत्र राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाते हैं बडगाम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में शिया समुदाय प्रभावी है और बडगाम सीट पर जीत का मतलब पूरे जिले पर प्रभाव है।दूसरी तरफ नगरोटा सीट में शहरी और ग्रामीण मतदाताओं के मिले जुले प्रभाव वाली है।

    इस सीट पर मुस्लिम विशेषकर गुज्जर समुदाय के वोटरों का रुझान किसी भी उम्मीदवार की हार जीत का अंतर तय करता है। इस बीच, निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय मिली जानकारी के अनुसार, चूंकि एक बैलेट यूनिट केवल 15 उम्मीदवारों और नोटा को संभाल सकती है।

    इसलिए डगाम उपचुनाव में हर मतदान केंद्र में दो बैलेट यूनिट का इस्तेमाल किया गया। बडगाम में 173 और नगरोटा में 150 मतदान केंद्र बनाए गए थे और इन सभी की 100 प्रतिशत वेबकासटिंग की गई है।इसके अलावा, बडगाम विधानसभा सीट में पंजीकृत कश्मीरी विस्थापित मतदाताओं के लिए 24 विशेष मतदान ेंद्र बनाए गए थे। इनमें से जम्मू में 19, उधमपुर में एक और दिल्ली में चार बनाए गए थे । जम्मू में स्थापित विशेष मतदान केंद्रों में कुल 157 वोट डाले गए।

    उधमपुर के अकेले विशेष मतदान केंद्र में 11 दिल्ली में सिर्फ 10 कश्मीरी विस्थापितों ने अपने मताधिकार का प्रयाेग किया है। वोटों की गिनती 14 नवंबर, 2025 को होगी।चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए, आयोग ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए ऑब्ज़र्वर (जनरल, पुलिस और खर्च) तैनात किए हैं। इसके अलावा, आयोग ने अपने सीनियर अधिकारियों को तीनों जगहों पर स्पेशल पोलिंग स्टेशनों पर वोटिंग और गिनती देखने के लिए भी भेजा है।