यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'BJP के लिए खुले हैं दरवाजे', उमर अब्दुल्ला का इंजीनियर रशीद और महबूबा मुफ्ती पर हमला, बोले- गोद में बैठने में देर नहीं लगेगी
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आठ अक्टूबर 2024 के बाद जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल नहीं बल्कि एक निर्वाचित सरकार फैसले लेगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की व ...और पढ़ें

HighLights
- 'एलजी के पास मनमर्जी से कानून बनाने का अधिकार नहीं रहेगा'
- 'जेके की विधानसभा उपराज्यपाल से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होगी'
- 'कोई भी ऐसा कानून नहीं, जो किसी को चुनाव लड़ने से रोके'
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवर को कहा कि आठ अक्टूबर 2024 के बाद यहां उपराज्यपाल नहीं, बल्कि एक निर्वाचित सरकार फैसले लेगी। जम्मू-कश्मीर की विधानसभा उपराज्यपाल से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होगी और वही कानून बनाएगी। उपराज्यपाल मनाज सिन्हा के पास मनमर्जी से कानून बनाने का अधिकार नहीं रहेगा।
आज गांदरबल में एक चुनावी सभा के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कोई भी ऐसा कानून नहीं है जो किसी को चुनाव लड़ने से रोके। प्रतिबंधित जमाते इस्लामी के जो उम्मीदवार हैं, वह जमाते इस्लामी के झंडे और निशान पर नहीं, बल्कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हें।
इसलिए नहीं नहीं रोका जा सकता। हमें उनसे यही शिकायत है कि वह यहां वोट बांटने और काटने का काम कर रहे हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को यह कहते देख दुख होता है कि प्रतिबंधित जमाते इस्लामी द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होनी चाहिए थी।
'बीजेपी के लिए खुले हैं उनके दरवाजे'
बारामुला के सांसद और अवामी इत्तिहाद पार्टी के चेयरमैन इंजीनियर रशीद द्वारा समान विचारधारा वाले लोगों से पूर्ण सहयोग के किए गए दावे पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इंजीनियर रशीद ने स्वीकार कर लिया है कि अगर भाजपा को सरकार के गठन के लिए जरूरत पड़ी तो वह उसका साथ देंगे।
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इंजीनियर रशीद ने कहा कि भाजपा के लिए उनके दरवाजे खुले हैं। अब यह लोगों को तय करना है कि वह किसे और क्यों वोट दें। मतदाताओं को पूरी समझदारीके साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
आपको सावधान रहने की जरूरत है- उमर
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इंजीनियर रशीद को कैसे भाजपा उनकी सोच जैसी नजर आती है, यह मेरी समझ से परे की बात है। मैं उसकी राजनीति को समझ नहीं पाया हूं। इससे पूर्व एक जनसभा को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने मतदातओं से पूरी समझदारी के साथ मतदान की अपील करते हुए कहा कि यहां कुछ ताकतें कश्मीरियों को हमेशा के लिए कमजाेर बनाए रखने के लिए, नेशनल कान्फ्रेंस को सत्ता से बाहर रखने के लिए, वोट बांटने का प्रयास कर रही है। उनसे सावधान रहना होगा।
'बीजेपी की गोद में बैठन में देर नहीं लगेगी'
उन्होंने इस अवसर पर पीडीपी को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि पीडीपी को यह बताना होगा कि वर्ष 2014 में जनादेश प्राप्त करने के बाद इसने जम्मू कश्मीर की जनता के साथ क्या किया। मुझे लगता है कि अगर भाजपा को सरकार बनाने के लिए पीडीपी के सहारे की जरूरत पड़ी तो पीडीपी को भाजपा की गोद में बैठने में देर नहीं लगेगी।