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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jammu News: बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में आतंकवादी, जम्मू में आतंकियों के सात दल सक्रिय, इस जगह छिपें हैं दहशतगर्द

    Updated: Fri, 28 Jun 2024 02:53 PM (IST)

    Jammu Kashmir News जम्मू में आतंकी फिर से पैर पसारने लगे हैं। आतंकियों के सात दल सक्रिय है और घने जंगलों में छुपे हुए हैं। जम्मू से आतंकियों का सफाया ...और पढ़ें

    Jammu Kashmir News: आतंकियों को ठिकाना लगाने के लिए सुरक्षाबल मुस्तैद।
    Jammu Kashmir News: आतंकियों को ठिकाना लगाने के लिए सुरक्षाबल मुस्तैद।

    HighLights

    1. आतंकियों के सहयोगियों की संपत्ति कुर्क।
    2. तीन से चार दल डोडा, किश्तवाड़ में सक्रिय।
    3. पाकिस्तान या फिर गुलाम जम्मू-कश्मीर भागे हैं आतंकी।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू संभाग में आतंकियों के सात दल सक्रिय हैं। ये दल अलग-अलग इलाकों में बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं। यह दावा पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक आनंद जैन ने डोडा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए किया। उन्होंने कहा कि राजौरी, पुंछ, डोडा और किश्तवाड़ में ये आतंकी सक्रिय हैं। तीन से चार दल डोडा, किश्तवाड़ में सक्रिय हैं। ये जंगल में छिपे हैं।

    आतंकियों को ढेर करने के लिए लगातार अलग-अलग इलाकों में सेना और पुलिस मिलकर तलाशी अभियान छेड़े हुए हैं। जैश के तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है। सूत्रों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मुठभेड़ में मारे गए आतंकी इलाके में सक्रिय छह से सात दहशतगर्दों के समूह का हिस्सा हैं अथवा कोई नया ग्रुप घुसपैठ करके आया है। इस बारे में अभी जांच चल रही है।

    दो पाकिस्तानी आतंकी ढेर

    बुधवार को हुई गंदोह स्थित सिनू के जंगलों में हुई मुठभेड़ स्थल केमुठभेड़ में घायल हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। उसका इलाज जीएमसी डोडा में चल रहा है। एडीजीपी आनंद जैन और डीसी डोडा हरविंदर सिंह ने जीएमसी पहुंच कर घायल से बातचीत की।

    इस महीने जम्मू क्षेत्र में यह दूसरी मुठभेड़ थी। इससे पहले 11 और 12 जून को कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में 15 घंटे तक चले अभियान में दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का एक जवान बलिदान हो गया था।

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    भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल

    पुलिस ने वीरवार को बारामुला में आतंकियों के पांच सहयोगियों नौ कनाल (एक एकड़ से अधिक) जमीन कुर्क कर ली। यह पांचों 16 वर्ष से पाकिस्तान में हैं और वहीं से कश्मीर में अपने स्थानीय नेटवर्क के जरिए आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

    सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक उत्तरी कश्मीर के एक हजार से ज्यादा आतंकी 30 वर्षों के दौरान सुरक्षाबलों से पाकिस्तान या फिर गुलाम जम्मू-कश्मीर भागे हैं। यह सभी वहां नए आतंकियों को प्रशिक्षण देने, कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकियों के लिए गाइड का काम करने, जम्मू कश्मीर में हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी करने और कश्मीर मामले पर पाकिस्तानी एजेंडे के मुताबिक भारत विरोधी दुष्प्रचार करने जैसी गतिविधियों में शामिल हैं।

    आतंकी मददगारों की संपत्ति जब्त

    सभी को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की जा रही है। इनकी जम्मू-कश्मीर में संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है। बीते तीन माह में बारामुला में लगभग दो दर्जन आतंकी मददगारों की संपत्ति को अदालत की अनुमति से जब्त किया जा चुका है।

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    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि वीरवार को जिनकी संपत्ति जब्त की गई, वह सभी पट्टन तहसील के रहने वाले हैं। इनमें बशीर अहमद गनई निवासी तिलगाम, मेहराजुदीन लोन निवासी खारगाम, गुलाम मोहम्मद यत्तु निवासी तिलगाम, अब्दुल रहमान बट निवासी वनिगाम पायीन और अब्दुल रशीद लोन निवासी सतरीसीरन हैं।

    पाकिस्तान भाग गए थे आतंकी

    इन सभी की संपत्ति को इनके खिलाफ वर्ष 2008 में करीरी पुलिस स्टेशन में दर्ज विभिन्न मामलों में की है। पांचों आतंकी वर्ष 2008 में पाकिस्तान भाग गए थे। इनके खिलाफ उद्घोषणा भी जारी की गई है। इनके खिलाफ एक माह पहले अदालत में पेश होने का नोटिस जारी किया गया था।

    यह नोटिस इनके मकानों पर भी लगाया था। अदालत में आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने और अदालत की अनुमति के बाद ही इनकी संपत्ति को कुर्क किया है।

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