जम्मू-कश्मीर के वन अधिकारियों के लिए खुशखबरी! 13 साल के लंबे इंतजार के बाद 28 फॉरेट आफिसर बनेंगे IFS
जम्मू-कश्मीर के वन अधिकारियों का 13 साल का इंतजार खत्म हुआ, 28 अधिकारी भारतीय वन सेवा (IFS) में शामिल होंगे। ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के वन अधिकारियों को मिली बड़ी राहत, 13 साल बाद बनेंगे आईएफएस।
HighLights
13 साल बाद जम्मू-कश्मीर के वन अधिकारियों का IFS में प्रमोशन।
केंद्रीय मंत्रालय ने 28 IFS पदोन्नति कोटे के लिए निर्धारित किए।
योग्य अधिकारियों के लिए भारतीय वन सेवा में शामिल होने का रास्ता साफ।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के वन अधिकारियों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत की खबर सामने आई है। 13 वर्षों के अंतराल के बाद अब प्रदेश के अधिकारियों के लिए प्रतिष्ठित भारतीय वन सेवा (आइएफएस) में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एजीएमयूटी कैडर के जम्मू-कश्मीर खंड में पदोन्नति कोटे के तहत 28 पद निर्धारित किए हैं।
मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को भेजे पत्र में इन 28 रिक्तियों की पुष्टि की है। यह कदम भारतीय वन सेवा में प्रदेश के योग्य अधिकारियों के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2013 की चयन सूची के लिए सबसे अधिक 14 रिक्तियां निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा वर्ष 2017 के लिए दो, 2018 के लिए छह, 2019 के लिए तीन तथा वर्ष 2020, 2021 और 2023 के लिए एक-एक पद रखा गया है।
यूपीएससी को भेजा जाएगा प्रस्ताव
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से भारतीय वन सेवा में अधिकारियों के चयन के लिए चयन समिति की बैठक (एससीएम) आयोजित कराने को कहा है। इसके लिए केंद्र शासित प्रदेश सरकार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को प्रस्ताव भेजना होगा।
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मंत्रालय के पत्र में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार भारतीय वन सेवा (पदोन्नति द्वारा नियुक्ति) विनियम, 1966 के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करे और संबंधित वर्षों की चयन सूची तैयार करने के लिए चयन समिति की बैठक आयोजित कराने हेतु संघ लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजे।
13 वर्षों से अटकी थी प्रक्रिया
जम्मू-कश्मीर के स्थानीय अधिकारियों का भारतीय वन सेवा में शामिल होने का रास्ता पिछले 13 वर्षों से एक वैध 'राज्य वन सेवा' के अभाव में रुका हुआ था।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इस मामले की समीक्षा के बाद पाया कि जम्मू-कश्मीर वन (राजपत्रित) सेवा (क्षेत्रीय) ही भर्ती, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक मानकों को पूरा करती है, जिसके आधार पर अधिकारियों को भारतीय वन सेवा में पदोन्नत किया जा सकता है।
दो माध्यमों से होती है आइएफएस में भर्ती
भारतीय वन सेवा में अधिकारियों की नियुक्ति दो माध्यमों से होती है। पहला, संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के जरिए सीधी भर्ती और दूसरा, पदोन्नति कोटे के माध्यम से राज्य वन सेवा के अधिकारियों का चयन।
भारतीय वन सेवा के कुल पदों में 66 प्रतिशत पद संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भरे जाते हैं, जबकि शेष 33 प्रतिशत पद योग्य राज्य वन सेवा अधिकारियों की पदोन्नति के लिए आरक्षित रहते हैं।