जम्मू-कश्मीर में अब सैटेलाइट रखेगा खनन माफिया पर नजर, तारिगामी ने अवैध खनन पर दिया Zero Tolerance का अल्टीमेटम
एमवाई तारिगामी ने जम्मू-कश्मीर में अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश दिए हैं, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए सैटेलाइट और डिजिटल निगरानी प्रणाल ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में अवैध खनन पर लगेगी लगाम, सैटेलाइट से होगी निगरानी। फोटो एआई से बनाई गई है।
HighLights
अवैध खनन पर शून्य सहिष्णुता नीति अपनाने के सख्त निर्देश।
प्राकृतिक संसाधनों की सैटेलाइट और डिजिटल निगरानी प्रणाली होगी लागू।
जीपीएस ट्रैकिंग, ई-परमिट जैसी आधुनिक तकनीकें होंगी प्रभावी।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा की पर्यावरण समिति के अध्यक्ष एमवाई तारिगामी ने गुरूवार को अवैध खनन के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की स नीति अपनाने पर जोर देते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सैटेलाइट निगरानी, जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल मानिटरिंग प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
भू-विज्ञान एवं खनन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए तारिगामी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन जनता की संपत्ति हैं और इनके अनियंत्रित दोहन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
बैठक में समिति ने बजट सत्र 2026 के दौरान रखी गई सिफारिशों पर कार्रवाई रिपोर्ट और व्यापक लघु खनन नीति-2026 की प्रगति की समीक्षा की। तारिगामी ने विभाग से कागजी निगरानी व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित निगरानी तंत्र विकसित करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि खनिजों के दोहन की प्रक्रिया पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए होनी चाहिए और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा, 'सैटेलाइट निगरानी, जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग को अवैध खनन के खिलाफ हमारी पहली सुरक्षा पंक्ति बनाना होगा।'
तकनीक आधारित प्रणालियों के त्वरित क्रियान्वयन की मांग
समिति के सदस्यों ने भी खनन कानूनों के सख्त अनुपालन, अवैध खनन पर रोक और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायकों ने अधिकारियों से जीपीएस ट्रैकिंग, ई-परमिट, ई-चालान और यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल जैसी तकनीक आधारित प्रणालियों के त्वरित क्रियान्वयन की मांग की।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश के राजस्व हितों को सुरक्षित करने के लिए राजस्व, पुलिस, वन विभाग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में समिति सदस्य विधायक प्रोफेसर गारु राम, डा बलदेव राज शर्मा, दलीप सिंह, शौकत हुसैन गनी, जावेद अहमद मिरचल, डा सज्जाद शफी, सलमान सागर, जावेद रियाज (बेदार) और डा रमेश्वर सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा भू-विज्ञान एवं खनन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी कुमार, जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति के अध्यक्ष, भू-विज्ञान एवं खनन निदेशक, जिला खनन अधिकारी और विधानसभा सचिवालय के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।