Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर पर्यटन स्थलों पर अब बेखौफ घूमेंगे टूरिस्ट, गुलमर्ग से पहलगाम तक बनेगा हाईटेक सुरक्षा कवच, CCTV से नजर

    By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Sat, 08 Aug 2026 01:43 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर अब एक नया और अभेद्य सुरक्षा घेरा बनेगा। संसद की गृह मामलों की स्थायी समिति की सिफारिशों के बाद यह कदम उठाया जा रहा है ...और पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर अभेद्य सुरक्षा घेरा, गुलमर्ग मॉडल पर हाईटेक निगरानी से बढ़ेगा पर्यटकों का भरोसा

    जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर अभेद्य सुरक्षा घेरा, गुलमर्ग मॉडल पर हाईटेक निगरानी से बढ़ेगा पर्यटकों का भरोसा

    HighLights

    1. पर्यटन स्थलों पर नया, अभेद्य सुरक्षा घेरा बनेगा।

    2. संसद समिति ने एकीकृत निगरानी फ्रेमवर्क की सिफारिश की।

    3. गुलमर्ग मॉडल पर CCTV और हाईटेक सुरक्षा लागू होगी।

    डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के सभी बड़े पर्यटक स्थलों पर अब सुरक्षा का एक नया और अभेद्य घेरा बनेगा। पहलगाम में पिछले साल 25 पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने बड़े स्तर पर सुरक्षा ढांचे को बदलने की तैयारी कर ली है। संसद की गृह मामलों से जुड़ी स्थायी समिति ने अपनी 260वीं रिपोर्ट में एक एकीकृत सुरक्षा और निगरानी फ्रेमवर्क बनाने की जोरदार सिफारिश की है। यह रिपोर्ट शुक्रवार को संसद में पेश की गई।

    समिति ने मई 2026 में खुद जम्मू-कश्मीर का दौरा कर गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और वैष्णो देवी जैसे प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। उसी दौरे के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। समिति का साफ कहना है कि हर बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर व्यापक CCTV कवरेज, सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम, नियमित वल्नरेबिलिटी असेसमेंट और समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य किया जाए।

    समिति ने एक और अहम बात कही है। उसने सुझाव दिया है कि पीक टूरिस्ट सीजन शुरू होने से पहले ही सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच स्पष्ट अंतर-एजेंसी SOPs (Standard Operating Procedures) तय किए जाएं और उनकी समीक्षा की जाए। ताकि किसी भी सुरक्षा संबंधी घटना पर तुरंत, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।

    क्या है संसदीय पैनल की बड़ी सिफारिशें?

    समिति ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि अब पर्यटन स्थलों की सुरक्षा सिर्फ जवानों की तैनाती तक सीमित नहीं रहेगी। इसके लिए एक हाईटेक सिस्टम बनाया जाए।

    • चप्पे-चप्पे पर CCTV का जाल: सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर कॉम्प्रिहेंसिव CCTV कवरेज की सिफारिश की गई है। कोई भी कोना अंधा नहीं रहेगा।
    • सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम: सभी कैमरों की फीड एक सेंट्रल मॉनिटरिंग फैसिलिटी से देखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन लिया जा सके।
    • सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य: समिति ने कहा है कि नियमित वल्नरेबिलिटी असेसमेंट और पीरियॉडिक सिक्योरिटी ऑडिट होना चाहिए। यानी समय-समय पर परखा जाएगा कि सुरक्षा में कहां चूक है।
    • एक ही भाषा में काम करेंगी एजेंसियां: पुलिस, पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन, डेवलपमेंट अथॉरिटी और अन्य एजेंसियों के बीच तालमेल के लिए स्पष्ट इंटर-एजेंसी SOPs बनाए जाएं और पीक टूरिस्ट सीजन से पहले उनकी समीक्षा की जाए।

    क्यों जरूरी हो गई यह सख्ती?

    रिपोर्ट में समिति ने माना है कि पिछले कुछ सालों में बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत सुरक्षा इंतजाम, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों में लौटे भरोसे की वजह से जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है।

    खबरें और भी

    समिति ने रिपोर्ट में लिखा है, 'इस संदर्भ में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह सीधे तौर पर सुरक्षा की धारणा, आगंतुकों के अनुभव की गुणवत्ता और पर्यटन क्षेत्र की निरंतर वृद्धि को प्रभावित करता है।'

    यानी अगर पर्यटक खुद को सुरक्षित महसूस करेगा, तभी वह बार-बार कश्मीर आएगा। पर्यटन ही जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

    गुलमर्ग मॉडल अब पूरे जम्मू-कश्मीर में लागू होगा

    समिति ने गुलमर्ग और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर किए गए सुरक्षा इंतजामों की सराहना भी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, निगरानी तंत्र, भीड़ प्रबंधन के उपाय और पुलिस, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के बीच जो समन्वय देखा गया, वह काबिले तारीफ है। अब इसी मॉडल को और हाईटेक बनाकर सभी पर्यटन स्थलों पर लागू करने की योजना है।

    पहलगाम हमले के बाद पर्यटकों के मन में जो डर बैठा था, उसे खत्म करने के लिए सरकार का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। आने वाले टूरिस्ट सीजन से पहले अगर यह एकीकृत सुरक्षा ढांचा लागू हो जाता है, तो जम्मू-कश्मीर एक बार फिर दुनिया का सबसे सुरक्षित और खूबसूरत पर्यटन स्थल बनकर उभरेगा।