कारगिल विजय दिवस 2026: 'छद्म युद्ध से नहीं डिगेगा भारत का संकल्प', राजनाथ सिंह ने द्रास में वीरों के शौर्य को किया याद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास में 27वें कारगिल विजय दिवस समारोह में भाग लिया, जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और भारतीय सेना की तैयारियों क ...और पढ़ें
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राजनाथ सिंह ने द्रास में वीरों के शौर्य को किया याद। फोटो एक्स
HighLights
राजनाथ सिंह ने द्रास में 27वें कारगिल विजय दिवस समारोह में भाग लिया।
शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, सेना की तैयारियों की सराहना की।
सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सेना ने द्रास में दो दिवसीय स्मृति समारोहों की शुरुआत कर दी है। कारगिल युद्ध के अमर वीरों के शौर्य, बलिदान और अदम्य साहस को नमन करने के लिए आयोजित कार्यक्रमों में शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल देश की सुरक्षा के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने में पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं।
द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित 'शौर्य संध्या' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि दुश्मन की नापाक कोशिशों, छद्म युद्ध और घुसपैठ से भारत का संकल्प कमजोर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भले ही दुश्मन के इरादे अभी भी वही है और वह छद्म युद्ध तथा घुसपैठ जैसी नापाक रणनीतियों का सहारा ले रहा है, लेकिन भारतीय रक्षा बल हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"
बिना भय के अपने सपने पूरा कर रहे
राजनाथ सिंह ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की विजय सुनिश्चित करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस, देशभक्ति और अटूट संकल्प आज भी सेना और पूरे राष्ट्र को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के बलिदान और वीरता के कारण ही देशवासी बिना भय के अपने सपनों को पूरा कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक देश के सैनिकों की देशभक्ति और दृढ़ संकल्प अडिग हैं, तब तक कोई भी भारत की ओर बुरी नजर उठाने का साहस नहीं कर सकता।"
आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर जोर
सैनिकों के साथ आयोजित पारंपरिक बड़ाखाना कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने कहा कि कारगिल विजय देश के लिए गौरव का विषय है, लेकिन बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए हमेशा तैयार रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए विश्वस्तरीय हथियारों, अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण पर लगातार काम किया जा रहा है।
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राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी क्षमता को और मजबूत किया है।उन्होंने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश तेजी से दुनिया की प्रमुख सैन्य शक्तियों में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है।
द्रास में वीरों के शौर्य को किया याद
कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित 'शौर्य संध्या' में अमर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी गई। समारोह में सर्वधर्म प्रार्थना, देशभक्ति प्रस्तुतियां, बीटिंग रिट्रीट समारोह और दीप प्रज्वलन के माध्यम से वीर जवानों को याद किया गया। इस दौरान कारगिल युद्ध के 10 बलिदानी परिवारों को उनके त्याग और संघर्ष के सम्मान में सम्मानित किया गया।
इससे पहले द्रास के लामोचेन व्यू प्वाइंट पर 'युद्ध संस्मरण' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी स्थान से कारगिल युद्ध का ऐतिहासिक रणक्षेत्र दिखाई देता है। कार्यक्रम में वर्ष 1999 के युद्ध और 'ऑपरेशन विजय' की सफलता पर आधारित 33 मिनट की विशेष फिल्म दिखाई गई।
इसके बाद 17 मिनट की श्रद्धांजलि फिल्म के माध्यम से युद्ध के 40 वीर बलिदानियों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया। द्रास के विश्वनाथन स्टेडियम में आयोजित 'शौर्य भोज' कार्यक्रम में ड्रोन, रोबोटिक म्यूल, सेना के मार्शल आर्ट प्रदर्शन और लद्दाख की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
समारोह में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, सैन्य अधिकारी, कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीर माताएं और बलिदानियों के परिजन मौजूद रहे।
26 जुलाई को शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे राजनाथ सिंह
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को कारगिल युद्ध स्मारक में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बलिदानियों को पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र की ओर से नमन करेंगे। इस अवसर पर ऑपरेशन विजय के 545 शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिनमें भारतीय सेना के 537 जवान, भारतीय वायुसेना के पांच कर्मी, सीमा सुरक्षा बल का एक जवान और दो नागरिक शामिल हैं।
समारोह का समापन 'शौर्य विजय यात्रा' के द्रास पहुंचने के साथ होगा। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली से शुरू हुई यह मोटरसाइकिल रैली कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर उन वीर जवानों के प्रति देश की कृतज्ञता व्यक्त करेगी, जिन्होंने दुर्गम बर्फीली चोटियों पर अदम्य साहस दिखाते हुए तिरंगे का मान बढ़ाया।
गौरतलब है कि वर्ष 1999 में पाकिस्तान की घुसपैठ के बाद भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' चलाकर 26 जुलाई को कारगिल की महत्वपूर्ण चोटियों पर दोबारा नियंत्रण स्थापित किया था। इसी ऐतिहासिक विजय की स्मृति में हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिवस भारतीय सैनिकों के साहस, बलिदान और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है।