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    कश्मीर घाटी में मौसम का तीखा मिजाज, अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग बोला- 'घर से निकलने से बचें'

    By Raziya Noor Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Thu, 30 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    कश्मीर घाटी में पश्चिमी विक्षोभ और मॉनसून के प्रभाव से मौसम का मिजाज तीखा बना हुआ है, जिससे कई इलाकों में भारी बारिश और अचानक बाढ़ आई है। ...और पढ़ें

    कश्मीर घाटी में मौसम का कहर अगले 24 घंटे भारी बारिश का अनुमान।

    कश्मीर घाटी में मौसम का कहर अगले 24 घंटे भारी बारिश का अनुमान

    HighLights

    1. घाटी में पश्चिमी विक्षोभ और मॉनसून के कारण मौसम तीखा।

    2. बांडीपोरा, कुलगाम में अचानक बाढ़ से संपत्ति, खेती को नुकसान।

    3. मौसम विभाग ने 4 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की।

    जागरण संवाददाता, श्रीनगर। पश्चमी विक्षोभ व मौनसून के प्रभाव के चलते मंगलवार देर शाम घाटी में हुए मौसम के तीखे मिजाज बुधवार को भी तीखे ही रहे और इस बीच ऊपरी इलाकों में बारिश होती रही जबकि श्रीनगर समेत निचले इलाकों में दिनभर आसमान पर घने बादल छाए रहे। इस बीच मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान भी घाटी में मौसम के मिजाज तीखे बने रहने की संभावना जताई है।

    आपको बता दें कि मंगलवार शाम तक घाटी में मौसम शुष्क रहा। हालांकि श्रीनगर समेत अधिकांश स्थानों पर आसमान बादलों से घिरा हुआ था। अलबत्ता देर शाम मौसम के मिजाज तीखे हो गए और इस बीच उत्तरी व दक्षिणी कश्मीर में अचानक बारिश शुरू हुई। उत्तरी कश्मीर के बांडीपुर जिले के आलूसा इलाके में अचानक तेज़ बारिश और तूफ़ान से अचानक बाढ़ आ गई।

    तेज़ बारिश से अफ़रा-तफ़री मच गई क्योंकि नालों और सिंचाई नहरों में पानी का बहाव बहुत तेज़ हो गया था। स्थानीय लोगों ने बाढ़ जैसे हालात के लिए खराब ड्रेनेज सिस्टम' को ज़िम्मेदार ठहराया। इलाके में कई जगहों पर पानी मुख्य सड़क और कुछ अन्य रास्तों पर भर गया। गंदा पानी धान के खेतों व घरों भी घुस गया।

    अधिकांश प्रभावित लोग सुरक्षित स्थानों पर गए

    वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम ज़िले में देवसर के दर्दगुंड इलाके में भी मंगलवार शाम को तेज़ बारिश से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे संपत्ति और खेती की ज़मीन को नुकसान हुआ। अचानक आई बाढ़ में दो गाय के बाड़े बह गए, जबकि एक गाय की मौत हो गई।

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    जानकारी के अनुसार बाढ़ का कारण जिले में बह रही एक नदी के उफान पर आना था। उफनती नदी ने आस-पास के खेती और बागवानी के खेतों को भी डुबो दिया, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। बाढ़ का पानी रिहायशी मकानों व दुकानों में घुस गया। जानकारी के अनुसार अधिकांश प्रभावित लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए।

    इधर आज यानी बुधवार से ही घाटी के ऊपरी इलाकों में रुक रुक कर बारिश होती रही। हालांकि इस खबर के फाइल किए जाने तक श्रीनगर व इसके साथ सटे इलाकों में मौसम शुष्क ही था अलबत्ता आसमान घने बादलों से ढका हुआ था। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान घाटी में सामान्य से भारी बारिश की संभावना जताई है।

    4 अगस्त तक तीखे बने रहेंगे मौसम के मिजाज

    श्रीनगर में सिथत मौसम विज्ञान केंद्र के निदेर्सक डा मुख्तार अहमद ने कहा मौसम के मिजाज 4 अगस्त तक तीखे बने रहेंगे। अलबत्ता कल यानी 30 जुलाई को मौसम के मिजाज ज्यादा खराब बने रहेंगे और इस बीच अधिकांश इलाकों में सामान्य से भारी बारिश हो सकी है। निदेशक ने किसान को सलाह दी है कि वह फिलहाल अपनी कृषि गतिविधियां स्थगित कर दें जबकि यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वह कहीं यात्रा करने से पहले मौसम व यातायात संबंधित जानकारी के बाद ही अपनी यात्रा पलान करें।

    इधर श्री अमरनाथ जी श्रद्धालुओं के लिए अगले चौबीस घंटों के दौरान घाटी में रहने वाले मौसम के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पवित्र गुफा की तरफ जाने वाले दोनों यात्रा मार्गों पहलगाम व बालटाल में मौमस के मिजाज दिनभर तीखे रहेंगे और इस बीच दोनों मार्गों पर सामान्य से भारी बारिश होगी।