कश्मीर में बिगड़े मौसम के तेवर, ऊंचाई पर ताजा बर्फबारी और मैदान में आंधी-बारिश-ओलों की मार, सेब की 30% फसल बर्बाद
कश्मीर में वीरवार-शुक्रवार रात मौसम ने करवट ली, जिससे तेज हवाएं, बारिश और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हुई। शोपियां में ओलावृष्टि से सेब की 30% फसल बर्बाद ...और पढ़ें

घाटी में तेज हवाओं से टूटे खंबे-शाखें, ओलावृष्टि से कनिपोरा-पिंजोरा के सेब बाग तबाह, मौसम विभाग का अलर्ट जारी। फाइल फोटो।
HighLights
घाटी में तेज हवाएं, बारिश और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी।
शोपियां में ओलावृष्टि से सेब की 30% फसल बर्बाद।
सोपोर में आंधी से रिहायशी मकान की छत उड़ी।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। घाटी में वीरवार व शुक्रवार बीच रात मौसम के मिजाज फिर तीखे हो गए और इस बीच श्रीनगर समेत अधिकांश इलाकों में तेज हवाएं चली तथा गरज के साथ बारिश हुई। वहीं गुरेज,तुलैल,राजदान टाप,साधना टाप व अफरवट समेत अधिकांश ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी भी हुई।
इस बीच कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई जिससके फसलों को नुकसान पहुंचा। तेज हवाएं चलने से कई इलाकों में बिजली के खंबे व पेड़ों की शाखें टूट गई जबकि कुछ इलाकों में मकानों के छतों को भी नुकसान पहुंचा। इस बीच मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान घाटी के कुछ हिस्सों में हलकी बारिश की संभावना जताई है।
गौर तलब है कि पश्चमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते बीते तीन दिनों से घाटी में मौसम के मिजाज तीखे बने हुए हैं। हाालंकि कल यानी वीरवार को अधिकांश इलाकों में दिन में मौमस शुष्क रहा। अलबत्ता बीच रात को इसने फिर से करवट बदल ली जिस बीच श्रीनगर समेत अधिकांश निचले इलाकों में पहले तेज हवाएं चली और फिर गरज के साथ बारिश हुई।
उधर उच्च पर्वतीय इलाकों में ताजा बर्फबारी का सिलसिला फिर से जारी रहा। श्रीनगर समेत घाटी के अधिकांश इलाकों में आज दिनभर मौसम शुष्क ही रहा अलबत्ता आसमान बादलों से ढका रहा। अलबत्ता इस बीच ऊपरी इलाकों में रुक रुक कर हलकी बर्फबारी होने की सूचनाएं प्राप्त हुई।
ओलों से फलों को लगभग 15 से 20 प्रतिशत हुआ नुकसान
उधर दक्षिण कश्मीर के शोपियान जिले के कई गांवों में शुक्रवार तड़के भीषण ओलावृष्टि हुई, जिससे सैकड़ों सेब के बाग क्षतिग्रस्त हो गए। ओलावृष्टि ने जिले के मैदानी इलाकों में स्थित कई सेब उत्पादक गांवों को प्रभावित किया। पिंजोरा, लार्गम, गागरन और कनिपोरा के किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि 10 से 15 मिनट तक चली, जिससे क्षेत्र के बागों को नुकसान पहुंचा। पेड़ मंडी शोपियन के अध्यक्ष और बाग मालिक मोहम्मद अशरफ वानी ने बताया कि ओलों से फलों को लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।
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बता देते हैं कि इस मौसम में जिले में तीसरी बार ओलावृष्टि हुई है। लार्गम गांव के प्रभावित बाग मालिक निसार अहमद ने बताया कि ओलावृष्टि लगभग 15 मिनट तक चली, जिससे फल और पत्तियां दोनों क्षतिग्रस्त हो गईं। उन्होंने कहा, मटर के आकार के ओलों ने आठ कनाल में फैले मेरे सेब के बाग को काफी नुकसान पहुंचाया। इलाके के कई किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से फसल को लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। इस मौसम में जिले में तीसरी बार ओलावृष्टि हुई है।
आंधी-बारिश से एक रिहायशी मकान को भारी नुकसान
उत्तरी कश्मीर के सोपोर क्षेत्र में तेज आंधी और उसके बाद हुई बारिश से एक रिहायशी मकान को भारी नुकसान पहुंचा। इस घटना से निवासियों में दहशत फैल गई और संपत्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात भर तेज हवाओं ने इलाके में कहर बरपाया, जिससे सीलो सोपोर में मोहम्मद इसहाक के घर की टिन की छत उड़ गई और चादरें और लकड़ी के ढांचे आसपास के खेतों में बिखर गए।
यह घटना उत्तरी कश्मीर के कई हिस्सों को प्रभावित करने वाले व्यापक तूफानी मौसम के बीच हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज हवाओं ने निवासियों में दहशत पैदा कर दी क्योंकि तूफान के दौरान छतें, बिजली के तार और पेड़ बुरी तरह हिल रहे थे। अलबत्ता, इस घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि प्रभावित परिवार को संपत्ति का काफी नुकसान हुआ। इलाके के निवासियों ने प्रशासन से आंधी से हुए नुकसान का आकलन करने और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि हाल के हफ्तों में इस तरह की अचानक मौसम संबंधी गड़बड़ियां आम हो गई हैं, जिससे लोगों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, उत्तरी कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से भी छतों, बागों और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें मिली हैं, जहां तेज हवाओं ने सुबह होने से पहले भारी तबाही मचाई थी।