लद्दाख का कायाकल्प: अनुच्छेद 371 के तहत बदलेगी शासन की तस्वीर, रिजिजू ने बताया प्लान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि गृह मंत्रालय लद्दाख के लिए अनुच्छेद 371 के तहत एक विशेष संवैधानिक ...और पढ़ें

लद्दाख को मिलेगा सुरक्षा कवच।
HighLights
लद्दाख को अनुच्छेद 371 के तहत मिलेगा विशेष संवैधानिक सुरक्षा कवच।
गृह मंत्रालय लद्दाख के लिए नया शासन मॉडल अंतिम रूप दे रहा।
प्रधानमंत्री मोदी जल्द लद्दाख का दौरा कर स्थानीय लोगों से मिलेंगे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लद्दाख को एक खास संवैधानिक सुरक्षा कवच मिलने वाला है, क्योंकि गृह मंत्रालय (MHA) इस केंद्र शासित प्रदेश के लिए आर्टिकल 371 के तहत एक खास ढांचे को अंतिम रूप दे रहा है। लेह जिले के ड्रुक पद्मा कार्पो स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही लद्दाख का दौरा करेंगे और इस प्रस्तावित ढांचे पर स्थानीय लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे।
रिजिजू के अनुसार, वर्तमान स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद और अन्य मौजूदा व्यवस्थाएं लद्दाख की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त रूप से सशक्त नहीं हैं। इसलिए, गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आर्टिकल 371 के तहत लद्दाख के लिए विशेष प्रावधान करने की हालिया घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से साकार होने जा रही है।
आर्टिकल 370 के विपरीत, जिसने 2019 में हटाए जाने से पहले जम्मू-कश्मीर को काफी हद तक स्वायत्तता दी थी, आर्टिकल 371 संतुलित क्षेत्रीय विकास और आदिवासी संस्कृतियों, पारंपरिक कानूनों और स्थानीय रोजगार की सुरक्षा के लिए विशेष, अस्थायी और अंतरिम प्रावधान प्रदान करता है।
प्रस्तावित लद्दाख मॉडल को एक अनोखी (sui generis) शासन व्यवस्था के रूप में तैयार किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह राज्य का दर्जा दिए बिना या क्षेत्र को सीधे छठी अनुसूची के तहत लाए बिना आदिवासी भूमि, पर्यावरण, पारंपरिक प्रथाओं और नौकरियों के लिए प्रशासनिक लचीलापन और सुरक्षा उपाय प्रदान करेगा। इसके अलावा कहा कि लद्दाख के नए जिले के नक्शे के अनुरूप अब सात जिले और उनके लिए सात अलग-अलग परिषदें होंगी (पहले केवल लेह और करगिल जिले थे)।
लद्दाख प्रतिनिधियों के साथ बातचीत
लद्दाख के दो प्रमुख राजनीतिक समूहों'लेह एपेक्स बॉडी' और 'करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस'के प्रतिनिधि वर्ष 2023 से गृह मंत्रालय के साथ संवैधानिक सुरक्षा उपायों को लेकर निरंतर संवाद में हैं। दोनों पक्षों के बीच अगले दौर की बातचीत सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी।
रिजिजू ने कहा कि मोदी का लंबे समय से मानना था कि लद्दाख को विशेष ध्यान देने की जरूरत है और 2014 में पद संभालने के बाद से उन्होंने इसके विकास के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का बदलाव उल्लेखनीय रहा है, उन्होंने सड़कों, बिजली, पानी, मोबाइल कनेक्टिविटी और दूरसंचार की ओर इशारा किया जो कुछ दशक पहले काफी हद तक नदारद थे।
इसके अलावा कहा जब हम विश्वविद्यालय में थे, और बाद में जब मैं 2004 में सांसद बना, तो मैं लद्दाख आया था। वहां सड़कें, बिजली, पानी या दूसरी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। आज हालात बदल गए हैं। हर जगह मोबाइल फोन, सड़कों का बड़ा नेटवर्क और टेलीकम्युनिकेशन की सुविधा होने की वजह से, अब हमें यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि लद्दाख के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने में कितना समय लगेगा।
