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    लेह से दिल्ली तक एक ही आवाज, केंद्र कब सुनेगा लद्दाख की पुकार? चार मांगों पर जल्द फैसले की गुहार

    By Naveen Sharma Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Fri, 07 Aug 2026 11:53 AM (GMT+05:30)

    लेह एपेक्स बॉडी ने केंद्र सरकार से लद्दाख की चार प्रमुख मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने और 24 सितंबर 2025 की घटना के पीड़ितों को मुआवजा देने की अपील की है ...और पढ़ें

    लेह एपेक्स बॉडी ने केंद्र से लद्दाख की मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

    लेह एपेक्स बॉडी ने केंद्र से लद्दाख की मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की

    HighLights

    1. केंद्र से लद्दाख की चार मांगों पर शीघ्र निर्णय की अपील।

    2. 24 सितंबर 2025 घटना के पीड़ितों को मुआवजा, मामले वापस हों।

    3. दिल्ली प्रदर्शनों में युवाओं पर बल प्रयोग की कड़ी निंदा।

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। लेह एपेक्स बॉडी ने केंद्र से लद्दाख की चार प्रमुख मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की, 24 सितंबर 2025 की घटना के पीड़ितों को मुआवजा और मामले वापस लेने की मांगजागरण संवाद केंद्र लेह।

    लेह एपेक्स बाडी (एलएबी) ने गुरूवार को केंद्र सरकार से लद्दाख से जुड़े लंबित मुद्दों पर जल्द फैसला लेने की अपील करते हुए कहा कि लद्दाख की चार प्रमुख मांगों को लेकर एपेक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) पिछले कई वर्षों से लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। संगठन ने आरोप लगाया कि केंद्र के साथ चल रही वार्ता प्रक्रिया बेहद धीमी है।

    एलएबी के नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार को लद्दाख के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए उनका शीघ्र समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से अपनी लोकतांत्रिक और संवैधानिक मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रही है।

    सभी मामलों को वापस लेने की मांग दोहराई

    संगठन ने 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई घटना का भी उल्लेख किया। एलएबी का आरोप है कि उस दौरान पुलिस ने बिना किसी वैधानिक आदेश के सीधे गोलीबारी की, जिसमें एक युद्ध पूर्व सैनिक सहित कई निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। संगठन ने मृतकों और घायलों के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा घटना से जुड़े सभी मामलों को वापस लेने की मांग दोहराई।

    एलएबी नेताओं ने हाल ही में दिल्ली में लद्दाख के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं के खिलाफ कथित बल प्रयोग की भी कड़ी निंदा की। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कई युवाओं को पेलेट (छर्रे) लगने से चोटें आईं। संगठन ने प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का सम्मान किए जाने की मांग की।