यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'अंतत: वह आजाद हो गए', मीरवाइज मौलवी उमर फारूक की रिहाई पर खुशी से बागबाग हुए महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला
Jammu-Kashmir News हुर्रियत कॉन्फ्रेन्स के चेयरमैन मीरवाइज मौलवी उमर फारूक की रिहाई का उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

HighLights
- उमर और महबूबा ने मीरवाइज की रिहाई का किया स्वागत।
- महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अंतत: वह आजाद हो गए।
- उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अब उन पर कोई रोक नहीं होगी।
श्रीनगर,राज्य ब्यूरो। Jammu-Kashmir News: हुर्रियत कॉन्फ्रेन्स के चेयरमैन मीरवाइज मौलवी उमर फारूक (Mirwaiz Maulvi Umar Farooq) की रिहाई का उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने स्वागत करते हुए कहा कि सभी की नजरें इस समय जामिया मस्जिद पर टिकी हैं। मीरवाइज आज वहां चार साल बाद पहली बार नमाज में भाग लेने के अलावा नमाजियों को संबोधित करेंगे।
लोगों से मिलने-जुलने के लिए आजाद है मीरवाइज उमर
नेशनल कॉन्फ्रेन्स के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंदी से मुक्त किए जाने का स्वागत किया है। उन्हें अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि मुझे पूरी उम्मीद है कि मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को बिना किसी रोक टोक के कहीं भी आने जाने, लोगों से मिलने जुलने और अपनी सामाजिक-मजहबी जिम्मेदारियों को निर्वाह करने दिया जाएगा।
'पूरे कश्मीर की नजरें जामिया पर टिकी हैं'
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन पर कोई रोक नहीं होगी। आज पूरे कश्मीर के नजरें जामिया मस्जिद पर टिकी हैं कि क्या वर्ष 2019 के बाद मीरवाइज मौलवी उमर फारूक जामिया मस्जिद में अपना पहला खुतबा देंगे या नहीं।
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'अंतत: वह आजाद हो गए'
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यंत्री महबूबा मुफ्ती ने मीरवाइज फारूक अहमद की नजरबंदी काे हटाए जाने पर कहा कि अंतत: वह आजाद हो गए हैं। उपराज्यपाल प्रशासन बीते कई वर्ष से लगातार उनकी नजरबंदी को लेकर झूठ बोल रहा था।
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मुस्लिमों के एक वरिष्ठ और सम्मानित धार्मिक नेता हैं मीरवाइज उमर
पूरे जम्मू कश्मीर में वह मुस्लिमों के एक वरिष्ठ और सम्मानित धार्मिक नेता हैं। लोगों की उनमें श्रद्धा है। इससे बड़ी विडम्बना और क्या होगी कि भाजपा के विभिन्न सहयोगी राजनीतिक दलों में उनकी रिहाई के श्रेय को लेने के लिए होड़ मच गई है।