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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तरी सेना कमान ने दो दिवसीय आर्मी एयर डिफेंस कॉन्क्लेव का किया आयोजन, संयुक्त रणनीतियों पर हुआ मंथन

    By AgencyEdited By: Ashisha Singh Rajput
    Updated: Sun, 01 Oct 2023 04:45 PM (IST)

    उत्तरी सेना कमान ने दो दिवसीय आर्मी एयर डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस दौरान सेना वायु रक्षा भारतीय वायु सेना और रक्षा पीएसयू के डोमेन विशेषज्ञों ...और पढ़ें

    सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने वायु रक्षा से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की-
    सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने वायु रक्षा से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की-

    एएनआइ, श्रीनगर। उत्तरी सेना कमान ने दो दिवसीय आर्मी एयर डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस दौरान सेना वायु रक्षा, भारतीय वायु सेना और रक्षा पीएसयू के डोमेन विशेषज्ञों ने उभरते हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए संयुक्त रणनीतियों पर विचार-मंथन किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की समीक्षा की गई।

    उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ने सेना अधिकारियों से की बातचीत

    उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने इस कॉन्क्लेव का उपकरण प्रदर्शन देखा और प्रतिभागियों और सेना अधिकारियों से बातचीत की। आपको बता दें कि ध्रुव कमांड ने 29 सितंबर और 30 सितंबर, 2023 को जम्मू और कश्मीर में दो दिवसीय ध्रुव वायु रक्षा कॉन्क्लेव 2023 का आयोजन किया था।

    भारतीय सेना की उत्तरी सेना कमान ने पोस्ट कर बताया

    भारतीय सेना की उत्तरी सेना कमान ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया, "सेना वायु रक्षा, भारतीय वायु सेना और रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) के डोमेन विशेषज्ञों ने उभरते हवाई खतरों का मुकाबला करने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण के लिए संयुक्त रणनीतियों पर विचार-मंथन किया और समीक्षा की।"

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    क्या क्या था इस सम्मेलन में शामिल ?

    यह सम्मेलन क्षेत्र में उभरते हवाई खतरों की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया था, जिसमें विरोधियों द्वारा ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) का बढ़ता उपयोग भी शामिल था। सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने वायु रक्षा से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें खतरे का आकलन, सेंसर एकीकरण, हथियार प्रणाली एकीकरण और कमांड और नियंत्रण शामिल हैं।

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