इल्तिजा मुफ्ती से पूछताछ के बाद गरमाई सियासत, उमर अब्दुल्ला ने पुलिस-पीडीपी विवाद को बताया ‘फिक्स्ड मैच’
उमर अब्दुल्ला ने इल्तिजा मुफ्ती-पुलिस विवाद को 'फिक्स्ड मैच' कहा, आरोप लगाया कि एजेंसियां पीडीपी की गिरती साख बचाने में लगी हैं। इल्तिजा से अनुच्छेद 3 ...और पढ़ें

उमर अब्दुल्ला ने इल्तिजा मुफ्ती-पुलिस विवाद को 'फिक्स्ड मैच' का आरोप लगाया
HighLights
उमर अब्दुल्ला ने विवाद को 'फिक्स्ड मैच' बताया।
इल्तिजा मुफ्ती से पुलिस ने दो घंटे पूछताछ की।
पुलिस और इल्तिजा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी।
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस और पीडीपी नेता मेहबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को इस पूरे मामले को ‘फिक्स्ड मैच’ करार दिया और आरोप लगाया कि पीडीपी की राजनीतिक साख गिरने पर एजेंसियां उसे बचाने के लिए आगे आ जाती हैं।
इल्तिजा मुफ्ती ने 4-5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटने की वर्षगांठ पर कश्मीर में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाया था। इसके जवाब में पुलिस ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी की बांह काट ली, जिससे चोट आई। शुक्रवार को इल्तिजा को श्रीनगर के कोठीबाग थाने में बुलाया गया, जहां उनसे करीब दो घंटे पूछताछ की गई।
उमर अब्दुल्ला से जब मेहबूबा मुफ्ती की आलोचना पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, “कृपया मुझसे इस फिक्स्ड मैच पर कमेंट न करने को कहें। जब भी पीडीपी की राजनीतिक छवि कमजोर होती है, एजेंसियां उसकी साख वापस लाने के लिए आगे आ जाती हैं। ये पार्टी खुद नहीं उभरी, एजेंसियों ने इसे बनाया है।”
उन्होंने सवाल किया, “क्या इल्तिजा मुफ्ती कोई पांच साल की बच्ची हैं जो किसी को काट लेंगी? ये पूरा मामला फिक्स्ड मैच है और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश।"
पुलिस ने अभी तक इल्तिजा की पूछताछ पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इल्तिजा ने कहा कि वे किसी भी जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने जोड़ा, “मैं न पहली कश्मीरी हूं जिन्हें बुलाया गया, न आखिरी। मेरी लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है। मैं हर कश्मीरी के लिए लड़ रही हूं।”
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उमर के बयान पर इल्तिजा ने पलटवार करते हुए कहा, “उमर साहब बीजेपी को क्लीन चिट देते रहते हैं। अब वे अनुच्छेद 370 या विशेष दर्जे की बात नहीं करते। चुनाव में रोज बोलते थे, अब बीजेपी पर सवाल उठाने से आसान है पीडीपी पर हमला करना।”
पुलिस ने इल्तिजा पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 121, 132 और 191 के तहत सार्वजनिक सेवकों पर हमला और दंगा भड़काने का मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि 4 अगस्त के प्रदर्शन में उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारी को पकड़ा और बांह काट ली, जिससे चोट और खून बहने लगा।
इसके उलट इल्तिजा का दावा है कि उन्हें एक महिला आईपीएस अधिकारी (एसपी रैंक) समेत अन्य पुलिसकर्मियों और अपने ही पीएसओ ने घसीटा। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को अदालत तक ले जाएंगी।