'आज़ी ते फ़ाज़ी हुंद इज़्ज़त', कुलगाम रैली में साकिना इट्टू का BJP पर पलटवार, कश्मीरी महिलाओं की गरिमा पर गरमाई सियासत
साकिना इट्टू ने कुलगाम रैली में भाजपा पर कश्मीरी महिलाओं की गरिमा पर की गई टिप्पणियों को लेकर पलटवार किया। उन्होंने 'आज़ी ते फ़ाज़ी हुंद इज़्ज़त' का न ...और पढ़ें
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भाजपा की टिप्पणियों को लेकर साकिना इट्टू का तीखा राजनीतिक हमला
HighLights
साकिना इट्टू ने कुलगाम रैली में भाजपा पर पलटवार किया।
कश्मीरी महिलाओं की गरिमा 'आज़ी ते फ़ाज़ी' का मुद्दा उठाया।
अनुच्छेद 370 और कश्मीरी पहचान को राजनीतिक केंद्र में लाया।
राज्य ब्यूरो, जागरण, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की मंत्री साकिना इट्टू ने शनिवार को कुलगाम में आयोजित एक रैली के दौरान भाजपा नेताओं की कश्मीरी महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणियों पर तीखा राजनीतिक पलटवार किया। उन्होंने “आज़ी ते फ़ाज़ी हुंद इज़्ज़त” का नारा बुलंद करते हुए कश्मीरी महिलाओं की इज़्ज़त, पहचान और गरिमा को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया।
गत बुधवार को अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण की वर्षगांठ पर दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक विजयी रैली निकाली। इस रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कश्मीरी भाषा में नारा लगाया -मोक्ल्योव आजी हुंद तेह फाजी हुंद इज्जत अर्थात आजी और फाजी की इज्जत समाप्त हो गई । नारा लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ता कथित तौर पर जमीन पर पांव भी जोर से पटक रहे थे।
‘आजी-फाजी’ क्या है? कश्मीरी अस्मिता से क्या संबंध
आजी और फाजी को कश्मीर में महिलाओं के सम्मान, उनके सशक्तिकरण, उनकी अस्मिता का प्रतीक माना जाता है। नेशनल कान्फ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हुए इसे कश्मीरी अस्मिता से जोड़ते इसे आजी हुंद तेह फाजी हुंद इज़्ज़त" (आज़ी और फ़ाज़ी की इज्जत) की संज्ञा दी थी।
साकिना इटू ने उठाया अनुच्छेद 370 का मुद्दा
शनिवार को कुलगाम में रैली को संबोधित करते हुए साकिना इटू ने अनुच्छेद 370 का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने 370 के संदर्भ को कश्मीरी पहचान और लोगों के राजनीतिक अधिकारों से जोड़ते हुए भाजपा की आलोचना की और कहा कि कश्मीर की महिलाओं की गरिमा और सम्मान किसी भी राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर है।
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मंत्री के तेवरों से साफ संकेत मिला कि उनका हमला भाजप नेताओं के उन हालिया राजनीतिक बयानों पर था, जिनमें जम्मू-कश्मीर की महिलाओं को लेकर टिप्पणियां की गई थीं। कुलगाम की सभा में यह मुद्दा सीधे तौर पर भाजपा बनाम नेशनल कॉन्फ्रेंस की राजनीतिक जंग का हिस्सा बनता दिखाई दिया।
साकिना इट्टू द्वारा “370” का नारा उठाए जाने के साथ ही अनुच्छेद 370 का संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा एक बार फिर जम्मू-कश्मीर की सियासत के केंद्र में आ गया। रैली में मौजूद समर्थकों ने भी नारों के साथ प्रतिक्रिया दी, जिससे माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में नजर आया।
सरकार और भाजपा के बीच खींचतान
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज है। अनुच्छेद 370, जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पहचान तथा यहां के लोगों के अधिकार और सम्मान जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी लगातार जारी है।
कुलगाम की रैली में साकिना इट्टू का बयान इसी बढ़ती राजनीतिक खींचतान की एक और कड़ी माना जा रहा है, जहां कश्मीरी महिलाओं की गरिमा और 370 का मुद्दा भाजपा के खिलाफ राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल होता नजर आया।