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जम्मू-कश्मीर: शोपियां में आतंकी फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़, लश्कर और TRF के लिए फंड जुटाने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार

Published: Fri, 30 Oct 2026 11:01 AM (IST)Updated: Fri, 30 Oct 2026 11:11 AM (IST)

शोपियां पुलिस ने आतंकी गतिविधियों से जुड़े एक बड़े वित्तीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसमें लश्कर और टीआरएफ के ...और पढ़ें

शोपियां पुलिस ने दस लोगों को किया गिरफ्तार (फोटो- जम्मू-कश्मीर पुलिस)

शोपियां पुलिस ने दस लोगों को किया गिरफ्तार (फोटो- जम्मू-कश्मीर पुलिस)

HighLights

  1. शोपियां में आतंकी फंडिंग मामले में दस गिरफ्तार

  2. लश्कर और टीआरएफ के लिए फंड जुटा रहे थे आरोपी

  3. संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन और लॉजिस्टिक सपोर्ट का खुलासा

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। शुक्रवार को शोपियां पुलिस ने आतंकी गतिविधियों से जुड़े संदिग्ध वित्तीय नेटवर्कों की गहन जांच के बाद केंद्र शासित प्रदेश के भीतर काम कर रहे एक 'टेरर फाइनेंसिंग' मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी आतंकवादियों के सहयोगी बताए जा रहे हैं। इस संबंध में शोपियां पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी नंबर 231/2026 दर्ज की गई है।

आतंकियों के सहयोगी थे आरोपी

जांच के दौरान पता चला कि विभिन्न पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए किए गए संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया गया।

इसके जरिए पैसों के लेन-देन के कई स्तरों का पता चला। जांच से ऐसे लोगों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है जो कथित तौर पर 'टेरर फाइनेंसिंग' में शामिल थे और जिनका संबंध अलग-अलग जेलों में बंद आतंकवादियों और उनके सहयोगियों से था।

लश्कर और टीआरएफ आतंकी संगठनों के लिए जुटा रहे थे पैसे

शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी आम जनता से गुप्त रूप से फंड इकट्ठा कर रहे थे और स्थापित वित्तीय माध्यमों के जरिए इस पैसे को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की आतंकी गतिविधियों के लिए भेज रहे थे।

आरोप है कि इस फंड का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट (जैसे स्मार्टफोन उपलब्ध कराना) देने में भी किया जा रहा था।

इस बड़े नेटवर्क का पता लगाने, अन्य वित्तीय संबंधों को उजागर करने और इस मॉड्यूल में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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