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    900 करोड़ की श्रीनगर वाटर मेट्रो से बदलेगी झेलम-डल की रफ्तार, मार्च 2027 तक दौड़ेंगी 20-सीटर इलेक्ट्रिक नौकाएं

    By Naveen Sharma Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Wed, 20 May 2026 01:41 PM (IST)

    श्रीनगर में 900 करोड़ रुपये की लागत से बहुप्रतीक्षित वाटर मेट्रो परियोजना जल्द शुरू होगी, जिससे झेलम नदी और डल झील में गतिशीलता बढ़ेगी। यह परियोजना मा ...और पढ़ें

    श्रीनगर में डल-झेलम पर दौड़ेंगी बिजली से चलने वाली नावें, 60 साल बाद लौटेगा जलमार्ग का दौर।

    श्रीनगर में डल-झेलम पर दौड़ेंगी बिजली से चलने वाली नावें, 60 साल बाद लौटेगा जलमार्ग का दौर

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और उसके आस पास के इलाकों में गतिशीलता में सुधार के लिए बहु प्रतीक्षित वाटर मेट्रो सेवा का निर्माण जल्द ही शुरु होगा। पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सोनोवाल ने मंगलवार को इसकी पुष्टि कर दी है।

    परिस्थितियों के अनुकूल रहने पर 900 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत वाली परियोजना पर काम अगले अगले कुछ ही महीनों में शुरु हो जाएगा। श्रीनगर वाटर मेट्रो परियोजना झेलम नदी में पंथाचौक श्रीनगर से उत्तरी कश्मीर में वुलर झील के बनियारी स्थित मुहाने तक विकसित किए जा रहे 76 किलोमीटर लंबे क्रूज कारीडोर जिसे झेलम नदी राष्ट्रीय जमार्ग -49 कहते हैं, का ही एक हिस्सा है।

    आपको बता दें कि कश्मीर घाटी में झेलम नदी के अलावा डल और वुलर झील में चलतने किश्तियां कभी स्थानीय लोगों के लिए नहीं बल्कि पर्यटकों और कारोबारियों के लिए भी आवागमन का मुख्य साधन हुआ करती थी,लेकिन बीते 60 वर्षाें में किश्तियों की जगह मोटरवाहन हावी हो गए।

    डल में 5, झेलम में दो मार्ग विकसित किए जाएंगे

    पिछले 30 वर्षों के दौरान कई बार झेलम और डल झील में पुराने जलमार्ग बहाल करने की मांग उठी और कई बार योजनाएं बनी, लेकिन सिरे नहीं चढ़ी। अलबत्ता, मौजूदा केंद्र सकार ने इस दिशा में गंभीरता से प्रयास करते हुए घाटी में आइडब्लयूएआइ का एक कार्यालय स्थापित किया और परियाजना ने जोर पकड़ा।

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    भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण आइडब्लयूएआई और जम्मू कश्मीर सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने केलिए गत 28 अक्टूबर 2025 को आपसी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। कोच्ची वाटर मेट्रो माडल से प्रेरित इस परियोजना की व्यावहर्यता रिपोर्ट भी कोच्ची मेट्रो रेल लिमिटेड द्वारा गत वर्ष जुलाई में तैयार की गई है।

    श्रीनगर वाटर मेट्रो के तहत डल झील में पांच जलमार्ग और झेलम दरिया के आस पास दो मार्ग विकसित किए जाएंगे जिनमें बिजली से चलने वाली अत्याधुनिक नौकाएं लोगों केा उनके गंतव्य तक पहुंचाएंगी। प्रत्येक नौका की वहन क्षमत 20 यात्रियों की होगी। इन नौकाओं को खरीदने की प्रक्रिया के तहत निविदा प्रक्रिया जारी है और उम्मीद की जा रही है कि यह मार्च 2027 तक खरीद ली जाएंगी।

    आठ फ्लोटिंग जेट्टी जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद

    आठ फ्लोटिंग जेट्टी बन रही हैं और इनके जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। नेविगेशनल उपकरण लगाने का काम भी जुलाई 2026 तक पूरा होने वाला है, जबकि अन्य ढांचागित सुविधाएं जुलाई 2027 तक पूरी तरह तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

    संबधित अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर वाटर मेट्रो परियोजना का उद्देश्य श्रीनगर शहर में डल झील और झेलम नदी के किनारे बसे इलाकों के बीच एक निर्बाध संपर्क स्थापित करना है। इस परियोजना के तहत प्रस्तावित जलमार्गाें का विकास करते हुए आधुनिक टर्मिनल बनाए जाएंगेजहां यात्रियों के उतरने-चढ़ने की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

    पर्यटन को भी बढ़ावा देगी यह परियोजना

    इस परियोजना के प्रभावी होने से न सिर्फ श्रीनगर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी, साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार और बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी। लोगों केा आवागमन के लिए एक आसान और सस्ता विकल्प मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।

    उन्होंने बताया कि यह परियोजना डल झील और झेलम नदी में प्रस्तावित रूट व्यवहार्यता अध्ययन के अनुसार, डल झील में पांच प्रमुख जलमार्ग प्रस्तावित किए गए हैं जबकि झेलम नदी में दो संभावित रूट चिन्हित किए गए हैं। 

    डल झील के प्रमुख प्रस्तावित रूट

    • नेहरू पार्क – वकील कॉलोनी – निशात गार्डन – मिर्जा बाग (लगभग 8.4 किमी)
    • वकील कॉलोनी – मिर्जा बाग – दरगाह हजरतबल (लगभग 5.3 किमी)
    • नेहरू पार्क – दरगाह हजरतबल – ज़बरवान पार्क – चार चिनार (लगभग 8.2 किमी)
    • हजरतबल – नसीम बाग – शालीमार गार्डन (लगभग 10 किमी)
    • ज़बरवान पार्क – ट्यूलिप गार्डन – चार चिनार – निशात गार्डन – मिर्जा बाग (लगभग 9.2 किमी)

    झेलम नदी को डल झील के साथ जोड़ने वाले दो प्रमुख प्रस्तावित जलमार्ग

    • जीरो ब्रिज-अमीराकदल पुल-खानकाह मौला-छत्ताबल वीर(लगभग 7.06 किमी)
    • जीराो ब्रिज-सोनवार- बटवारा-पंथाचौक(लगभग 12.30 किमी)

    झेलम नदी पर भी आठ टर्मिनल छत्ताबल, खानकाह मौला,अमीराकदल, जीरो ब्रिज,सोनवार,केपी बाग ,बटवारा और पंथाचौक विकसित किए जाएंगे। डल झील पर नेहरु पार्क, जब्रवान पार्क, टयूलिप गार्डन, चार चिनारी, वकील कालोनी,निशात बाग,मिजा बाग, शालीमार बाग,नसीम बाग और हजरतबल दरगाह समेत 10 टर्मिनल विकसित किए जाएंगे।