Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    21 सितंबर से शुरू हो सकता है जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र, उमर सरकार ने LG को भेजी सिफारिश

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 11:35 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव पर स ...और पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर विधानसभा। फाइल फोटो

    जम्मू-कश्मीर विधानसभा। फाइल फोटो

    HighLights

    1. शरदकालीन सत्र 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना।

    2. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की सहमति।

    3. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को सत्र बुलाने की सिफारिश।

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरद सत्र 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा का सत्र सितंबर में बुलाने के प्रस्ताव पर सहमित बनने के बाद, प्रदेश सरकार ने 21 सितंबर को सत्र बुलाने की सिफारिश उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से की है।

    अब उपराज्यपाल की ओर से सत्र बुलाने की औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने विधानसभा सत्र को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रस्तावित सत्र 21 सितंबर से शुरू होकर निर्धारित कार्य दिवसों के अनुसार चलेगा। हालांकि, अंतिम कार्यक्रम उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

    छह महीने की अवधि का रखना होगा ध्यान

    जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत विधानसभा के दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता। अधिनियम की धारा 18 के अनुसार, उपराज्यपाल विधानसभा की बैठक बुलाते हैं, लेकिन एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच छह महीने की अवधि का अंतर नहीं होना चाहिए।

    विधानसभा की पिछली बैठक चार अप्रैल 2026 को हुई थी। ऐसे में नियमों के अनुसार सदन की अगली बैठक तीन अक्टूबर 2026 तक बुलाना अनिवार्य था। इसी संवैधानिक बाध्यता को ध्यान में रखते हुए सितंबर में सत्र बुलाने की तैयारी की जा रही है।

    खबरें और भी

    बजट सत्र में हुई थीं 22 बैठकें

    इससे पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र दो फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। अवकाश के बाद सत्र 27 मार्च को फिर शुरू हुआ और कुल 22 बैठकों के बाद 4 अप्रैल 2026 को सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।