5G की रफ्तार शानदार, पर पहाड़ों में अब भी हाय-हेलो में दिक्कत; TRAI की रिपोर्ट में कमजोर सिग्नल का खुलासा
ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 5जी नेटवर्क की गति शानदार है, लेकिन पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में कमजोर सिग्नल और कॉल ड्रॉप अभी भी बड़ी ...और पढ़ें

फोटो एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
ट्राई की रिपोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के नेटवर्क की जांच की
5जी की गति शानदार, पर पहाड़ों में कॉल ड्रॉप जारी
जियो-एयरटेल आगे, बीएसएनएल-वीआई को सुधार की जरूरत
नवीन नवाज, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में किस मोबाइल कंपनी का नेटवर्क वास्तव में बेहतर है और किसकी सेवा अब भी उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही? इस सवाल का जवाब अब भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ताजा स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट रिपोर्ट ने दे दिया है।
प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर किए जमीनी परीक्षण में सामने आया कि जहां 5जी सेवाओं ने कई क्षेत्रों में 200 से 250 एमबीपीएस से अधिक की डाउनलोड गति देकर डिजिटल क्रांति की मजबूत तस्वीर पेश की है, वहीं दूरदराज और पर्यटन मार्गों पर कमजोर कवरेज, कॉल ड्रॉप और खराब सिग्नल अब भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
ट्राई ने जून 2026 में श्रीनगर, गुलमर्ग, अनंतनाग, पहलगाम तथा श्रीनगर–पहलगाम और श्रीनगर–गुलमर्ग राजमार्गों पर स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट कराया। यह परीक्षण किसी प्रयोगशाला में नहीं, बल्कि आम उपभोक्ताओं की तरह वास्तविक परिस्थितियों में किया, ताकि पता लगाया जा सके कि मोबाइल नेटवर्क वास्तव में कितना भरोसेमंद है।
373 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में हुई नेटवर्क की पड़ताल
आठ से 12 जून के बीच नियुक्त एजेंसी ने 373.6 किलोमीटर शहरों, 111.5 किलोमीटर राजमार्गों, छह प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, लाल चौक से घंटाघर तक पैदल मार्ग और इंटर-आपरेटर कालिंग का परीक्षण किया।
खबरें और भी
जांच के दौरान 2जी, 3जी, 4जी और 5जी नेटवर्क पर काल कनेक्टिविटी, काल ड्राप, सिग्नल गुणवत्ता, इंटरनेट डाउनलोड-अपलोड गति, लेटेंसी और वॉयस गुणवत्ता जैसे सभी प्रमुख मानकों का मूल्यांकन किया गया।
रफ्तार में जियो और एयरटेल सबसे आगे
रिपोर्ट अनुसार श्रीनगर–गुलमर्ग क्षेत्र में रिलायंस जियो ने औसतन 276.92 एमबीपीएस डाउनलोड गति दर्ज कर सबसे तेज नेटवर्क उपलब्ध कराया। एयरटेल ने 188.64 एमबीपीएस की गति हासिल की।
अनंतनाग–पहलगाम क्षेत्र में एयरटेल की डाउनलोड गति 183.84 एमबीपीएस और जियो की 163.53 एमबीपीएस रही। श्रीनगर–पहलगाम राजमार्ग पर एयरटेल ने 192.01 एमबीपीएस डाउनलोड गति दर्ज की।
जियो की औसत गति 88.24 एमबीपीएस रही। श्रीनगर–गुलमर्ग राजमार्ग पर भी एयरटेल 176.89 एमबीपीएस के साथ आगे रहा, जबकि जियो की गति 88.14 एमबीपीएस दर्ज की गई।
बीएसएनएल और वोडाफोन-आइडिया की सबसे बड़ी चुनौती कमजोर कवरेज
रिपोर्ट में सबसे कमजोर सिग्नल वाले क्षेत्रों को लेकर सामने आई। श्रीनगर–गुलमर्ग क्षेत्र में जहां एयरटेल के केवल 194 और जियो के 167 कमजोर सिग्नल नमूने दर्ज हुए।
बीएसएनएल में यह संख्या 1380 व वोडाफोन-आइडिया में 4500 तक पहुंच गई। अनंतनाग–पहलगाम क्षेत्र में भी स्थिति लगभग यही रही। एयरटेल के 226 और जियो के 365 कमजोर सिग्नल नमूनों के मुकाबले बीएसएनएल के 3242 तथा वोडाफोन-आइडिया के 6947 कमजोर सिग्नल नमूने दर्ज किए। श्रीनगर–पहलगाम राजमार्ग पर बीएसएनएल और वोडाफोन-आइडिया का प्रदर्शन अन्य कंपनियों से काफी पीछे रहा।
कॉल ड्राप में राहत, लेकिन पहाड़ी इलाकों में परेशानी बरकरार
रिपोर्ट के अनुसार एयरटेल और जियो के नेटवर्क पर अधिकांश स्थानों पर काल ड्राप शून्य रही। बीएसएनएल और वोडाफोन-आइडिया के नेटवर्क पर कई स्थानों पर कॉल ड्रॉप और कॉल साइलेंस की घटनाएं दर्ज की गईं।ॉ
ट्राई ने विशेष रूप से श्रीनगर–गुलमर्ग जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन मार्ग पर सभी कंपनियों के नेटवर्क में कॉल गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं की ओर संकेत किया है।
पर्यटन और सुरक्षा दोनों के लिए अहम
रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब जम्मू-कश्मीर में पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग डिजिटल भुगतान, आनलाइन बुकिंग तथा इंटरनेट आधारित सेवाओं पर निर्भर हैं।
ऐसे में मजबूत मोबाइल नेटवर्क केवल सुविधा नहीं, बल्कि पर्यटन उद्योग, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वसनीय हाई-स्पीड इंटरनेट से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा, ई-कामर्स, आनलाइन रोजगार और स्थानीय उद्यमिता को भी नई गति मिलेगी।
नेटवर्क विस्तार के साथ बढ़ेंगी नई चुनौतियां
रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि मोबाइल नेटवर्क का विस्तार आसान नहीं होगा। दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में नए मोबाइल टावर स्थापित करने के लिए अधिक निवेश, भूमि और बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होगी।
वहीं तेज़ इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल निर्भरता जैसी चुनौतियां भी सामने आएंगी।
ट्राई ने कंपनियों को दिए सुधार के निर्देश
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने पूरी रिपोर्ट संबंधित दूरसंचार कंपनियों को उपलब्ध करा दी है, ताकि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क गुणवत्ता कमजोर पाई गई है वहां सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि जम्मू-कश्मीर में 5जी तकनीक ने गति के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, लेकिन प्रदेश के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों तक समान गुणवत्ता वाली मोबाइल सेवा पहुंचाना अभी भी दूरसंचार कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
- 373.6 किलोमीटर शहर और 111.5 किलोमीटर राजमार्ग पर ट्राई का स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट।
- जियो ने श्रीनगर–गुलमर्ग क्षेत्र में 276.92 एमबीपीएस डाउनलोड गति के साथ सबसे तेज प्रदर्शन किया।
- एयरटेल ने अधिकांश मार्गों पर कॉल ड्रॉप शून्य रखते हुए मजबूत नेटवर्क गुणवत्ता दिखाई।
- बीएसएनएल और वोडाफोन-आइडिया के नेटवर्क में सबसे अधिक कमजोर सिग्नल और कवरेज की समस्या सामने आई।
- पहाड़ी और पर्यटन क्षेत्रों में मजबूत मोबाइल नेटवर्क अब भी सबसे बड़ी आवश्यकता।