जम्मू-कश्मीर पुलिस का बड़ा एक्शन, कश्मीर जा रहे 21 संदिग्ध बांग्लादेशी हिरासत में, असम से ट्रेन से पहुंचे थे जम्मू
जम्मू-कश्मीर के रामबन में पुलिस ने 21 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जो बिना वैध दस्तावेजों के जम्मू से कश्मीर घाटी जा रहे थे। ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में 21 संदिग्ध बांग्लादेशी हिरासत में, असम के रास्ते भारत में घुसपैठ।
HighLights
रामबन में 21 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक पुलिस हिरासत में।
अवैध रूप से असम के रास्ते भारत में घुसपैठ की थी।
कश्मीर घाटी में काम की तलाश में जा रहे थे।
डिजिटल डेस्क, ऊधमपुर। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में 3 महिलाएं और 7 बच्चे भी शामिल हैं। यह पूरा समूह दो गाड़ियों में सवार होकर जम्मू से कश्मीर घाटी की ओर जा रहा था, तभी रामबन में चेकपॉइंट पर हुई नियमित जांच के दौरान इन्हें रोका गया।
यह घटना रविवार की है, जब सुरक्षा बलों ने वाहनों की तलाशी के दौरान इस समूह को संदिग्ध पाया।
अधिकारियों के मुताबिक, गत रविवार को रामबन नेशनल हाईवे पर स्थित एक चेकपोस्ट पर जवान रोजाना की तरह वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान जम्मू की तरफ से आ रही दो गाड़ियों को रोका गया। गाड़ियों में सवार लोगों से जब पहचान पत्र और यात्रा से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए।
वे भारत में अपने कानूनी तौर पर रहने का कोई सबूत पेश नहीं कर सके। उनके हाव-भाव और बातचीत से शक गहरा गया, जिसके बाद मौके पर ही उनसे प्रारंभिक पूछताछ की गई। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सभी 21 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस सुविधा केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ जारी है।
असम के रास्ते भारत में घुसपैठ, ट्रेन से पहुंचे जम्मू
प्रारंभिक जांच में जो बात सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी लोग बांग्लादेश के अवैध अप्रवासी बताए जा रहे हैं। पूछताछ में पता चला है कि यह समूह असम के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था।
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भारत में प्रवेश करने के बाद ये सभी ट्रेन के जरिए जम्मू पहुंचे थे। अधिकारियों के अनुसार, ये लोग काम की तलाश में कश्मीर घाटी की ओर जा रहे थे। घाटी में मजदूरी और अन्य काम मिलने की उम्मीद में यह समूह जम्मू से आगे की यात्रा कर रहा था।
क्या किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है? पुलिस कर रही जांच
इस पूरे मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये लोग इतनी लंबी दूरी तक बिना किसी रोक-टोक के कैसे पहुंच गए? क्या इन्हें किसी संगठित नेटवर्क की मदद मिल रही है?
पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस समूह को किसी स्थानीय या अंतरराज्यीय नेटवर्क द्वारा अवैध अप्रवासियों की आवाजाही में मदद की जा रही थी। क्या कोई दलाल या एजेंट है जो इन्हें असम से जम्मू और फिर कश्मीर तक ले जाने में मदद कर रहा था?
पुलिस ने इस संबंध में आगे की जांच शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए लोगों के बैकग्राउंड की जांच की जा रही है और उनके मोबाइल फोन और अन्य सामान को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच के नतीजों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।