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    जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर मौत का मंजर! देखते ही देखते धरमथल में 25 फीट नीचे धंसी जमीन; मलबे में समा गईं 8 दुकानें

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 07:56 PM (IST)

    शनिवार देर रात उधमपुर के धरमथल में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से प्रेम मंदिर के पास एक छोटी मार्केट की आठ दुकानें मलबे में दब गईं। ...और पढ़ें

    धरमथल में धंसी जमीन, मलबे में समा गई आठ दुकानों की मार्केट।

    धरमथल में धंसी जमीन, मलबे में समा गई आठ दुकानों की मार्केट।

    HighLights

    1. धरमथल में देर रात भीषण भूस्खलन हुआ

    2. आठ दुकानें मलबे में दबकर तबाह हो गईं

    3. दुकानदारों की सतर्कता से जान बच गई

    जागरण संवाददाता, उधमपुर। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चनैनी के धरमथल स्थित प्रेम मंदिर के समीप शनिवार देर रात बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन ने कुछ ही पलों में एक छोटी मार्केट को तबाह कर दिया। जमीन धंसने से करीब आठ दुकानें मलबे में समा गईं, लेकिन दुकानदारों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। समय रहते सभी लोग दुकानों से बाहर निकल आए और उनकी जान बच गई।

    जिला मुख्यालय उधमपुर से करीब 20 किलोमीटर और चनैनी कस्बे से लगभग 10 किलोमीटर दूर धरमथल क्षेत्र में यह घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात तेज बारिश के दौरान राजमार्ग किनारे बनी मार्केट के नीचे की जमीन अचानक खिसकने लगी। दुकानदारों ने पहले दुकानों में हलचल महसूस की और कुछ ही देर में जमीन धंसने लगी। खतरे को भांपते हुए लोग तुरंत बाहर निकल आए।

    देखते ही देखते करीब 25 फीट क्षेत्र नीचे धंस गया और आठ दुकानें पूरी तरह मलबे में दब गईं। अचानक हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि दुकानदार समय पर बाहर नहीं निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊपरी पहाड़ी क्षेत्र किंथर टाप में देर रात अत्यधिक बारिश हुई थी। भारी मात्रा में पानी नीचे आने से पहाड़ी की मिट्टी कमजोर हो गई और जमीन खिसकने लगी। कुछ लोगों ने क्षेत्र में बादल फटने जैसी स्थिति की आशंका भी जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। एनडीआरएफ की टीम, सुरक्षा बलों और अन्य राहत एजेंसियों को मौके पर भेजा गया। स्थानीय लोगों और दुकानदारों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। टीमों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद दुकानों में फंसे सुरक्षित सामान को बाहर निकाला।

    इस हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई, जो सबसे बड़ी राहत रही। हालांकि, दुकानों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दुकानों में रखा अधिकांश सामान मलबे में दब गया, जबकि कुछ सामान ही बाहर निकाला जा सका।

    जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे करीब 15 कनाल भूमि भूस्खलन की चपेट में आई है। घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह है, जहां पूरी मार्केट जमीन में धंसी हुई दिखाई दे रही है। प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वर्षों की मेहनत कुछ ही मिनटों में खत्म हो गई। जान बचने की राहत जरूर है, लेकिन दुकानें नष्ट होने से एक दर्जन से अधिक परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

    घटना के बाद धरमथल और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर लोगों की भीड़ जुटी रही। प्रशासन ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है और संभावित खतरे को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

    प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से नुकसान का जल्द सर्वे करवाने तथा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और पुनर्वास पैकेज उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वे दोबारा अपना कारोबार शुरू कर सकें। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन करने और आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।