जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर फिर थमा पहिया! Dewal में भूस्खलन से 1700 ट्रक फंसे, आगे 4 दिन और भारी खतरा
ऊधमपुर के देवल में भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बाधित हो गया है, जिससे लगभग 1700 ट्रक और सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। ...और पढ़ें

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भूस्खलन से यातायात ठप, ऊधमपुर में 1700 ट्रक फंसे।
HighLights
ऊधमपुर के देवल में भूस्खलन से हाईवे बाधित।
लगभग 1700 ट्रक और सैकड़ों वाहन फंसे हुए।
28-31 जुलाई तक भारी बारिश, भूस्खलन की चेतावनी।
डिजिटल डेस्क, ऊधमपुर। अगर आप भी जम्मू से श्रीनगर, डोडा, रामबन या पत्तनीटॉप जाने की सोच रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। एक बार फिर पहाड़ दरका है और जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे की लाइफलाइन थम गई है। हजारों लोग सड़क पर फंसे हैं, ट्रकों की लंबी कतारें लगी हैं और ऊपर से मौसम विभाग ने अगले 4 दिन के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
सोमवार को उधमपुर जिले के देवल इलाके में एक ताजा भूस्खलन हुआ, जिसने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को पूरी तरह से बाधित कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, मलबा आने से हाईवे का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
इस भूस्खलन की वजह से लगभग 1,700 ट्रक और सैकड़ों पैसेंजर गाड़ियां रास्ते में ही फंस गई हैं। ऊधमपुर से लेकर बनिहाल तक गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतार देखी जा रही है, जिसमें रोजमर्रा के यात्री, टूरिस्ट और जरूरी सामान लेकर जा रहे ट्रक ड्राइवर शामिल हैं।
एक तरफा वाहनों को छोड़ निकाले जा रहे हैं लोग
एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल ऊधमपुर और बनिहाल के बीच फंसे ट्रैफिक को सिंगल कैरिजवे के जरिए धीरे-धीरे निकाला जा रहा है, जबकि क्षतिग्रस्त हिस्से पर बहाली का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
प्रशासन ने साफ किया है कि यात्री वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि फंसे हुए यात्रियों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके। JCB और बड़ी मशीनें मौके पर लगाई गई हैं, लेकिन लगातार गिर रहे पत्थरों की वजह से काम में दिक्कत आ रही है।
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अधिकारी ने कहा, "जब तक बहाली का काम पूरा नहीं हो जाता और हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक जम्मू से श्रीनगर, डोडा, रामबन और पत्तनीटॉप की ओर या विपरीत दिशा से कोई नया ट्रैफिक नहीं छोड़ा जाएगा।"
28 से 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मुसीबत यहीं खत्म नहीं होती। मौसम विभाग (MeT Department) ने जम्मू-कश्मीर के लिए अगली चेतावनी जारी कर दी है। 28 जुलाई से 31 जुलाई तक पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा जताया गया है।
विभाग के अनुसार, 30 और 31 जुलाई को गतिविधि अपने चरम पर रहेगी और इस दौरान उधमपुर और उसके आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। यानी आने वाले 4 दिन हाईवे पर सफर करना और भी जोखिम भरा हो सकता है।
यात्रियों के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे अगले आदेश तक जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर यात्रा करने से बचें। अधिकारी ने चेतावनी दी है कि कमजोर और संवेदनशील जगहों पर ताजा भूस्खलन और पत्थर गिरने (Shooting Stones) की संभावना बनी हुई है।
अगर यात्रा बहुत जरूरी है, तो निकलने से पहले ट्रैफिक कंट्रोल रूम से हाईवे की स्थिति के बारे में जरूर जानकारी ले लें।