जम्मू-कश्मीर में सात जगहों पर लैंडस्लाइड, NH-24 बंद; 36 घंटे से रास्ते में फंसे पर्यटक
लगातार मूसलधार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबे से अवरुद्ध हो गया है, जिससे यातायात ठप है। ...और पढ़ें
HighLights
भारी बारिश से NH-44 पर कई जगह भूस्खलन
देवाल में भारी भूस्खलन से राजमार्ग फिर बंद
प्रशासन ने अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की
जागरण संवाददाता, उधमपुर। लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर एक बार फिर हालात बिगाड़ दिए हैं।
करीब 36 घंटे तक बंद रहने के बाद शुक्रवार शाम सिंगल ट्यूब के जरिए राजमार्ग को नियंत्रित तरीके से फंसे वाहनों की निकासी के लिए खोला गया था, लेकिन महज तीन घंटे बाद ही देवाल क्षेत्र में भारी भूस्खलन होने से राजमार्ग दोबारा बंद करना पड़ा।
इसके बाद रातभर हुई तेज बारिश ने स्थिति और गंभीर बना दी। समरोली क्षेत्र में जल निकासी मार्ग मलबे से बंद होने के कारण पूरा पानी सड़क पर बहने लगा, जिससे सिंगल लेन वाले इस संवेदनशील हिस्से को और अधिक नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
जमीन में धंसने लगीं सड़कें
देवाल क्षेत्र में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकनी पड़ी। वहीं समरोली में मलबा गिरने से नालियां और जल निकासी मार्ग बंद हो गए, जिससे बारिश का पूरा पानी सड़क पर बहने लगा। इससे सड़क के कमजोर हिस्से पर कटाव का खतरा बढ़ गया है।
कई इलाकों में लैंडस्लाइड, राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध
जखैनी से लेकर चिनैनी तक कई स्थानों पर पत्थर गिरने, भूस्खलन और कीचड़युक्त मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा कैफेटेरिया, मंकी मोड़, बैटरी चश्मा, डलवास तथा नाशरी से बनिहाल के बीच भी कई स्थानों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया।
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संबंधित एजेंसियां लगातार मलबा हटाने और सड़क बहाल करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें तथा यात्रा पर निकलने से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।