Maa Vaishno Devi Yatra 2026: फुटपाथ पर दुकान-सड़क पर जाम, आस्था की नगरी कटड़ा में अव्यवस्था देख श्रद्धालु परेशान
कटडा में वैष्णो देवी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को फेरीवालों के अतिक्रमण, भिक्षावृत्ति और अवैध वाहनों से परेशानी हो रही है। ...और पढ़ें

कटडा में वैष्णो देवी यात्रा: अतिक्रमण, भिक्षावृत्ति से श्रद्धालु परेशान, प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग।
HighLights
फेरीवालों के अतिक्रमण से फुटपाथ और सड़कें बाधित।
भिक्षावृत्ति और बिना परमिट वाहनों से परेशानी।
पिट्ठू, पोनी सेवाओं में अधिक वसूली के आरोप।
संवाद सहयोगी, कटडा। विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नगरी कटडा में देश-विदेश से प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और कटडा की धार्मिक नगरी के रूप में पहचान को बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन शहर में बढ़ती कुछ अव्यवस्थाएं अब स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख बाजारों, सड़कों और फुटपाथों पर फेरी वालों द्वारा जगह घेर लेने से पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। लकड़ी की रिंग, नकली केसर और अन्य सामान बेचने वाले कई फेरी वाले सड़क किनारे और फुटपाथ पर अपना सामान लगाकर बैठ जाते हैं। इससे कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
इसके अलावा मुख्य बस अड्डे और बाजारों के आसपास भिक्षावृत्ति की समस्या भी बढ़ने की बात सामने आ रही है। श्रद्धालुओं से बार-बार पैसे मांगने के कारण उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या पर भी प्रभावी और निरंतर कार्रवाई की जरूरत है।
बिना परमिट वाहनों को लेकर भी उठ रहे सवाल
कटडा में कुछ मारुति वैन और ऑटो रिक्शा के बिना आवश्यक परमिट या निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालन किए जाने के आरोप भी लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि यातायात व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। कई स्थानों पर पार्किंग जोन में भी ऑटो खड़े रहने से व्यवस्था प्रभावित होती है।
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तय दरों से अधिक वसूली के आरोप
श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली पिट्ठू, पोनी और पालकी सेवाओं को लेकर भी कुछ लोगों द्वारा निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूलने के प्रयास के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि यह आरोप सभी सेवा प्रदाताओं पर लागू नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों की कथित मनमानी से पूरे सेवा क्षेत्र की छवि प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्धारित दरों की सूची प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
कार्रवाई के बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और बिना परमिट वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। उनका कहना है कि केवल अभियान चलाने के बजाय नियमित निगरानी और निरंतर कार्रवाई की आवश्यकता है।
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन, पुलिस तथा संबंधित विभागों से संयुक्त अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त करने, भिक्षावृत्ति पर नियंत्रण, बिना परमिट वाहनों की जांच तथा श्रद्धालुओं से निर्धारित दरों के अनुसार ही शुल्क वसूलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलेगा, बल्कि कटडा की धार्मिक नगरी के रूप में गरिमा और पहचान भी मजबूत होगी।