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    तेज बारिश में भी नहीं थमा मां वैष्णो के भक्तों का सैलाब, बैटरी कार-हेलीकॉप्टर बंद, 12 हजार ने थामा पारंपरिक मार्ग

    By Rakesh Sharma Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Thu, 06 Aug 2026 07:15 AM (IST)

    भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद मां वैष्णो देवी की यात्रा जारी रही, हजारों श्रद्धालु भवन की ओर बढ़े। बैटरी कार व हेलीकॉप्टर सेवा बाधित होने पर भी भक ...और पढ़ें

    वैष्णो देवी यात्रा: भारी बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह बरकरार, बैटरी कार व हेलीकॉप्टर सेवा बाधित।

    वैष्णो देवी यात्रा: भारी बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह बरकरार, बैटरी कार व हेलीकॉप्टर सेवा बाधित

    HighLights

    1. भारी बारिश के बावजूद वैष्णो देवी यात्रा सुचारू रूप से जारी।

    2. बैटरी कार व हेलीकॉप्टर सेवा खराब मौसम के कारण बंद।

    3. हजारों श्रद्धालुओं ने पारंपरिक मार्ग और रोपवे का उपयोग किया।

    संवाद सहयोगी, कटड़ा। त्रिकुटा पर्वत पर मौसम की बेरुखी के बावजूद आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। बुधवार को रुक-रुक कर हो रही बारिश और खराब मौसम के बीच भी मां वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा सुचारू रूप से जारी रही और शाम तक हजारों श्रद्धालु जय माता दी के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर रवाना हुए।

    गत मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक हुई तेज और लगातार बारिश ने यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की परेशानियां बढ़ा दीं। पूरा यात्रा ट्रैक कई जगहों पर गीला और फिसलन भरा हो गया। अचानक हुई तेज बारिश से बचने के लिए कई श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग पर बने आश्रय स्थलों और शेड में शरण लेनी पड़ी। कुछ देर रुकने के बाद बारिश थमते ही श्रद्धालुओं ने फिर से अपनी यात्रा शुरू कर दी और भवन की ओर कूच किया। भीगी चुनरियों और हाथों में छड़ियों के साथ बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक में गजब का उत्साह देखने को मिला।

    मलबा-कीचड़ से पटा बैटरी कार मार्ग, एहतियातन बंद

    भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर महत्वपूर्ण बैटरी कार मार्ग पर देखने को मिला। पहाड़ियों से कई स्थानों पर मलबा, कंकड़-पत्थर और कीचड़ बहकर ट्रैक पर आ गया, जिससे मार्ग फिसलन भरा और खतरनाक हो गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एहतियात के तौर पर बैटरी कार मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया।

    मार्ग बंद होने के बाद वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों और श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से पारंपरिक यात्रा मार्ग की ओर डायवर्ट किया। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक की सफाई का काम जारी है और मौसम में सुधार होते ही बैटरी कार मार्ग को फिर से बहाल कर दिया जाएगा।

    खबरें और भी

    हेलीकॉप्टर सेवा पूरे दिन ठप, घोड़ा-पालकी बनी सहारा

    लगातार खराब मौसम और घने बादलों के कारण कटड़ा बेस कैंप से भवन के लिए संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवा भी बुधवार को पूरे दिन प्रभावित रही। एक भी उड़ान नहीं हो सकी। बैटरी कार सेवा पहले से ही बंद थी, ऐसे में बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं को थोड़ी दिक्कत जरूर हुई।

    हालांकि, पारंपरिक मार्ग पर घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से चलती रहीं, जो श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित हुईं। कई श्रद्धालुओं ने इन्हीं सेवाओं का सहारा लेकर अपनी यात्रा पूरी की।

    रोपवे से भैरव बाबा के दरबार पहुंचे भक्त

    बारिश और बाधाओं के बावजूद जिन श्रद्धालुओं ने भवन पहुंचकर मां वैष्णो देवी के पवित्र पिंडियों के दर्शन किए, उनके चेहरे पर अलौकिक संतोष था। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं का उत्साह यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने रोपवे यानी केबल कार सेवा के जरिए भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के दर्शन भी किए और अपनी यात्रा को पूर्ण किया।

    चप्पे-चप्पे पर तैनात जवान, प्रशासन की अपील- सतर्क रहें

    मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड के कर्मचारी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान विभिन्न संवेदनशील और भूस्खलन संभावित स्थानों पर लगातार तैनात हैं और हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं।

    श्राइन बोर्ड प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें, फिसलन वाले स्थानों पर संभल कर चलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

    बुधवार शाम पांच बजे तक लगभग 12 हजार श्रद्धालु कटड़ा बेस कैंप से पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे, जबकि देर शाम तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी था।