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    डॉक्टर बनने का सपना लेकर रूस गए रियासी के गौरव सिंह का 5 माह बाद नदी से मिला शव, अब हरिद्वार में हुआ अंतिम संस्कार

    By Rajesh Dogra Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Fri, 22 May 2026 06:11 PM (IST)

    रियासी के गौरव सिंह, जो रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे, दिसंबर से लापता होने के पांच महीने बाद मृत पाए गए। उनका शव एक नदी से बरामद हुआ और हरिद्वा ...और पढ़ें

    रूस में 10 दिसंबर को हॉस्टल से निकले और कभी नहीं लौटे एमबीबीएस छात्र गौरव।

    रूस में 10 दिसंबर को हॉस्टल से निकले और कभी नहीं लौटे एमबीबीएस छात्र गौरव

    HighLights

    1. रियासी के गौरव सिंह रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे।

    2. दिसंबर से लापता गौरव का शव पांच माह बाद नदी से मिला।

    3. शव दिल्ली लाया गया, हरिद्वार में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

    संवाद सहयोगी, रियासी। डॉक्टर बनने का सपना लेकर रूस गए रियासी के होनहार छात्र गौरव सिंह अब कभी घर नहीं लौटेंगे। दिसंबर से लापता गौरव का शव लगभग पांच माह बाद बरामद हुआ, जिससे उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को उनका शव दिल्ली पहुंचा, जिसके बाद स्वजन हरिद्वार पहुंचे और वहां अंतिम रस्में निभाईं।

    रियासी जिले के माहौर क्षेत्र के मतलोत गांव निवासी 21 वर्षीय गौरव सिंह, पुत्र रशपाल सिंह, रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। वह अपनी बहन के साथ एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत थे और एमबीबीएस के चार वर्ष पूरे कर चुके थे। परिवार को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी कर वह डॉक्टर बनकर घर लौटेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    गौरव सिंह 10 दिसंबर को रहस्यमय परिस्थितियों में अपने हॉस्टल से लापता हो गए थे। बताया गया कि वह मोबाइल फोन कमरे में छोड़कर बाहर निकले थे और अपने साथ केवल बैंक कार्ड ले गए थे। जांच के दौरान इसी कार्ड के इस्तेमाल से पुलिस को उनके कुछ अंतिम मूवमेंट की जानकारी मिली।

    सीसीटीवी फुटेज खंगाली और खोज अभियान चलाया

    पता चला कि हॉस्टल से निकलने के बाद उन्होंने बसों में सफर किया और एक दुकान से कुछ सामान भी खरीदा था। इसके आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और खोज अभियान चलाया, लेकिन लंबे समय तक उनका कोई पता नहीं चला।

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    जिस क्षेत्र में गौरव के होने की आशंका थी, वहां स्थित एक नदी सर्दियों में बर्फ से जम गई थी। बर्फ जमी होने के कारण खोज अभियान प्रभावित रहा। मौसम में बदलाव आने और बर्फ पिघलने के बाद कुछ दिन पहले नदी से उनका शव बरामद हुआ। डॉक्टरी जांच और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शुक्रवार सुबह शव को दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया।

    यहां स्वजन पहुंचे और फिर हरिद्वार में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम रस्में संपन्न की गईं। फिलहाल गौरव सिंह की मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बेटे की असमय मौत से स्वजन गहरे सदमे में हैं।