नाका तोड़ा, गोलियां चलाई... जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर स्कॉर्पियो का फिल्मी बवाल, पुलिस ने पकड़ा तो मिला बदबूदार सरप्राइज!
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर एक स्कॉर्पियो ने सुरक्षा नाका तोड़ा और पुलिस की फायरिंग के बाद फरार हो गई। लावारिस मिली गाड़ी में गोबर मिलने से पशु तस्करी का श ...और पढ़ें
HighLights
स्कॉर्पियो ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सुरक्षा नाका तोड़ा।
पुलिस की फायरिंग के बाद गाड़ी फरार, बाद में लावारिस मिली।
गाड़ी में गोबर मिलने से पशु तस्करी का संदेह गहराया।
डिजिटल डेस्क, ऊधमपुर। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) पर आज तड़के सुबह एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे सुरक्षा तंत्र को हिला कर रख दिया। रामबन जिले में एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी ने सुरक्षा नाके को तोड़ते हुए फरार होने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की फायरिंग और फिर घने जंगल में चल रहे बड़े सर्च ऑपरेशन से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
इस कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब पुलिस ने भागी हुई गाड़ी के अंदर से जो बरामद किया, उसने इस पूरे मामले को एक नए और चौंकाने वाले एंगल से जोड़ दिया है।
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना आज शुक्रवार तड़के करीब 3:30 बजे की है। एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर JK02AK-1743 है, श्रीनगर की तरफ से जम्मू की ओर आ रही थी। जब यह गाड़ी रामबन के चंदरकोट इलाके में लगे सुरक्षा नाके पर पहुंची, तो वहां तैनात जवानों ने उसे रुकने का इशारा किया।
लेकिन रुकने के बजाय ड्राइवर ने अचानक गाड़ी की रफ्तार तेज कर दी और नाका तोड़ते हुए नाशरी की तरफ भाग निकला। सुरक्षा बलों ने तुरंत पीछा किया और गाड़ी को रोकने के लिए हवा में और गाड़ी पर तीन राउंड फायरिंग भी की, लेकिन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा।
8 किलोमीटर अंदर गांव में लावारिस मिली स्कॉर्पियो
नाका तोड़ने की सूचना मिलते ही पूरे NH-44 पर अलर्ट जारी कर दिया गया। पुलिस की कई टीमें पीछा करते हुए निकलीं। काफी खोजबीन के बाद यह स्कॉर्पियो चंद्रकोट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले पपरियान गांव में एक लिंक रोड पर लावारिस हालत में खड़ी मिली। यह जगह हाईवे से करीब 8-9 किलोमीटर अंदर है।
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बताया जा रहा है कि गाड़ी को वहीं छोड़कर उसमें सवार तीनों संदिग्ध युवक पास के ही पपरिया पीरा के घने जंगल में कूदकर फरार हो गए। अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर वे आंखों से ओझल हो गए।
इसके तुरंत बाद ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ने संयुक्त रूप से इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और जंगल में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से भी जंगल की तलाशी ली जा रही है।
गाड़ी के अंदर गोबर मिलने से उलझी गुत्थी
इस मामले में असली मोड़ तब आया जब पुलिस ने जब्त की गई स्कॉर्पियो की बारीकी से तलाशी ली। जांच में पता चला कि गाड़ी की पिछली सीटें पूरी तरह से निकाली हुई थीं। गाड़ी के अंदर फर्श पर गोबर पड़ा हुआ था और गोबर की तेज बदबू आ रही थी।
इस एक सबूत ने जांच का पूरा रुख बदल दिया। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस स्कॉर्पियो को खास तौर पर पशु तस्करी के लिए मॉडिफाई किया गया था। सीटें निकालकर उसमें मवेशियों को ठूंस-ठूंस कर ले जाया जाता है ताकि पुलिस को शक न हो कि यह कोई पशु तस्करी की गाड़ी है। बाहर से देखने पर यह एक आम फैमिली कार लगती है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि NH-44 पर अक्सर पशु तस्कर इसी तरह के हथकंडे अपनाते हैं। रात के अंधेरे में वे नाकों को तोड़कर भागने की कोशिश करते हैं।
पुलिस कर रही हर पहलू पर जांच
हालांकि गोबर मिलने से पशु तस्करी का शक गहरा गया है, लेकिन पुलिस किसी भी एंगल को हल्के में नहीं ले रही है। चूंकि मामला सुरक्षा नाका तोड़ने से जुड़ा है और जम्मू-कश्मीर एक संवेदनशील राज्य है, इसलिए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
क्या गाड़ी में वाकई मवेशी थे जिन्हें जंगल में छोड़ दिया गया? क्या तस्कर भागते समय मवेशियों को रास्ते में कहीं उतार गए? या फिर यह पशु तस्करी की आड़ में कोई और बड़ी साजिश थी? इन सभी सवालों के जवाब के लिए पुलिस अब आसपास के गांवों में भी पूछताछ कर रही है और गाड़ी के मालिक का पता लगाया जा रहा है।
फिलहाल पपरिया पीरा के जंगलों में सन्नाटा पसरा है और सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। तीनों फरार लोगों की तलाश में चप्पा-चप्पा खंगाला जा रहा है। उनके पकड़े जाने के बाद ही इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के पीछे की असली सच्चाई सामने आ पाएगी।