सिंथनटॉप के खुलने का इंतजार, बर्फीली वादियों में कब लौटेगी रौनक? पहलगाम अटैक के समय हुआ था बंद
पहलगाम हमले के बाद बंद हुआ सिंथनटॉप अब पर्यटकों के लिए फिर से खुलने की उम्मीद है। ...और पढ़ें

कैप्शन: सिंथनटॉप के खुलने का इंतजार, बर्फीली वादियों में कब लौटेगी रौनक?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बलवीर सिंह जम्वाल, किश्तवाड़। कश्मीर और जम्मू क्षेत्र को जोड़ने वाली मनमोहक वादियों के बीच बसा सिंथनटॉप एक बार फिर सैलानियों की आहट सुनने को बेताब है।
पिछले एक साल से बंद पड़े इस लोकप्रिय पर्यटन स्थल को खोलने को लेकर अब उम्मीदें जाग उठी हैं। सुरक्षा हालात में सुधार के बाद स्थानीय लोग और पर्यटन से जुड़े कारोबारी सरकार के आदेश का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
पहलगाम अटैक के बाद बंद किया था सिंथनटॉप
किश्तवाड़-अनंतनाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सिंथनटाप, जो अपनी देर तक टिकने वाली बर्फ और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले के बाद एहतियातन बंद कर दिया गया था। उस समय सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरे को देखते हुए कई पर्यटन स्थलों पर रोक लगा दी थी।
हालांकि समय के साथ हालात में सुधार हुआ और अधिकांश पर्यटन स्थलों को धीरे-धीरे खोल दिया गया। देश-विदेश से पर्यटक भी अब बड़ी संख्या में कश्मीर का रुख कर रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी संबल मिला है। बावजूद इसके, सिंथनटॉप अब तक सैलानियों के लिए बंद है।
यहां जून-जुलाई में भी बर्फ जमी रहती है
सूत्रों के अनुसार छात्रू तहसील क्षेत्र में सक्रिय आतंकी गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र को खोलने में देरी हुई। लेकिन हाल ही में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आतंकियों को ढेर कर दिया, जिससे इलाके में शांति बहाली की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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सिंथनटॉप की खासियत यह है कि यहां जून-जुलाई में भी बर्फ जमी रहती है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती है। श्रीनगर की ट्रेवल एजेंसियां भी पर्यटकों को यहां लाने में रुचि दिखाती रही हैं। हालांकि यहां ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, इसलिए अधिकतर पर्यटक दिनभर घूमकर शाम को लौट जाते हैं।
किश्तवाड़ की ओर से आने वाले पर्यटकों के लिए छात्रू तहसील के चिंगाम और पारना में होमस्टे की सुविधा उपलब्ध है, जबकि कुछ लोग किश्तवाड़ में ही रुकना पसंद करते हैं।
इस पर्यटन गतिविधि से दोनों क्षेत्रों के कई लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। करीब एक साल से बंद रहने के कारण स्थानीय कारोबार पर असर पड़ा है। अब जब सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है, तो स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही सिंथनटॉप को सैलानियों के लिए खोलने का निर्णय लेगी।
हमने इस मामले को लेकर अपने आला अधिकारियों को पत्र लिखकर सिंथनटॉप को पर्यटकों के लिए खोलने की अनुमति मांगी है। फिलहाल इस पर कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही उच्च स्तर से निर्देश या इशारा मिलेगा, तुरंत इस स्थल को सैलानियों के लिए खोल दिया जाएगा। -पंकज कुमार शर्मा, डीसी, किश्तवाड़