यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Reasi Train: विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल पर तेज गति ट्रेन का ट्रायल सफल, संगलदान से पहुंची रियासी स्टेशन; इतनी रही गति
Reasi High Speed Train Trial रियासी संगलदान खंड पर तेज गति से ट्रेन का ट्रायल सफल रहा। संगलदान से रियासी स्टेशन खंड के तकनीकी निरीक्षण के लिए दिनेश चं ...और पढ़ें

HighLights
- तकनीकी विशेषज्ञों ने किया निरीक्षण
- आठ डिब्बों की ट्रेन काफी तेज गति से पहुंची स्टेशन
जागरण संवाददाता, रियासी। रियासी संगलदान खंड पर शुक्रवार को तेज गति से ट्रेन चलाने के ट्रायल में रेलवे सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल की उपस्थिति में विश्व के सबसे उंचे रेलवे आर्च पुल से गुजरते समय हवा से बातें करते हुए ट्रेन रियासी स्टेशन पहुंची।
ट्रेन में रेलवे सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल रेलवे के उच्च अधिकारियों के साथ सवार रहे जो इस परियोजना के तकनीकी निरीक्षण के तीन दिवसीय दौरे पर रहे। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने बताया कि परियोजना के काम और निरीक्षण संतोषजनक पाए गए हैं बहुत जल्द ट्रेन चलाने का निर्णय लिया जाएगा।
तकनीकी विशेषज्ञों ने किया निरीक्षण
संगलदान से रियासी स्टेशन खंड के तकनीकी निरीक्षण के लिए दिनेश चंद देशवाल तीन दिवसीय दौरे पर बुधवार को रियासी पहुंचे। यहां से वह रेलवे के अन्य अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मोटर ट्रॉली में सवार होकर पूरे ट्रैक का निरीक्षण करते हुए संगलदान पहुंचे। उनके दौरे से पहले इस खंड पर लगभग चार बार इंजन और दो बार ट्रेन चलाने का सफल ट्रायल पहले ही पूरा किया गया था। उनकी उपस्थिति में शुक्रवार को इस खंड पर तेज गति से ट्रेन चलाने का ट्रायल भी सफल रहा।
काफी तेज स्पीड में पहुंची ट्रेन
रेलवे सुरक्षा आयुक्त की उपस्थिति में आठ डिब्बों की ट्रेन काफी तेज गति से संगलदान से रियासी स्टेशन पहुंची। जिसमें कुछ जगहों पर ट्रेन की गति 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की बताई जाती है। ट्रेन से पहले इसी खंड पर तेज गति से इंजन चलने का भी ट्रायल किया गया। वह भी संगलदान से रियासी पहुंचा। ट्रेन से रियासी स्टेशन पहुंचने पर रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया।
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इस मौके पर रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने बताया कि यह परियोजना काफी चुनौती पूर्ण काम था थी जिसमें देश की सर्वश्रेष्ठ तकनीकी टीमों ने मिलकर इस चुनौती पूर्ण काम को कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसका बहुत उच्च कोटि का कार्य हुआ है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में सभी काम बहुत ही संतोषजनक पाए गए हैं।
बहुत जल्द मिलेगी हरी झंडी
ट्रेन चलाने से पहले बहुत सारे पहलुओं को देखने की जरूरत होती है। तकनीकी निरीक्षण में जो भी जानकारी इकट्ठा की गई है उसका विश्लेषण कर बहुत जल्द इस पर फैसला लिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त के इस तीन दिवसीय निरीक्षण के संपन्न होने के बाद बहुत जल्द रियासी से कश्मीर तक रेल यातायात को हरी झंडी मिल सकती है।
बता दे कि उधमपुर से कटड़ा तो दूसरी तरफ घाटी से संगल दान तक रेल सेवा पहले से जारी है। अब संगलदान से रियासी के बीच 46 किलोमीटर खंड में रेल सेवा शुरू करने की तैयारी में रेलवे सुरक्षा आयुक्त का तीन दिवसीय निरीक्षण दौरा काफी महत्वपूर्ण जा रहा है। इस माह के अंत या फिर जुलाई के पहले सप्ताह में रियासी से कश्मीर तक ट्रेन परिचालन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।