ऊधमपुर में बारिश से देविका नदी में अचानक उफान, श्मशान घाट तक पहुंचा पानी; अंतिम संस्कार के दौरान टला बड़ा हादसा
ऊधमपुर में एक घंटे की तेज बारिश से देविका नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे श्मशान घाट तक पानी ...और पढ़ें
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1 घंटे की बारिश से उफान पर देविका नदी।
HighLights
तेज बारिश से ऊधमपुर की देविका नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा
श्मशान घाट तक पानी पहुंचा, अंतिम संस्कार के दौरान हादसा टला
लोगों ने देविका नदी संरक्षण परियोजना के कार्यों पर सवाल उठाए
जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। बुधवार शाम करीब एक घंटे हुई तेज बारिश ने ऊधमपुर की देविका नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा दिया। देखते ही देखते नदी का पानी तट पर स्थित श्मशान घाट तक पहुंच गया।
उस समय वहां एक शव का अंतिम संस्कार चल रहा था। जलस्तर बढ़ने के कारण स्थिति ऐसी बन गई कि शव के बहने का खतरा पैदा हो गया, हालांकि समय रहते लोगों ने अस्थायी व्यवस्था कर पानी को आगे बढ़ने से रोक दिया और बड़ा हादसा टल गया।
शाम करीब पांच बजे अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कुछ ही देर में शहर के नालों और जल निकासी वाले स्थानों पर पानी का बहाव बढ़ गया। इसका असर देविका नदी पर भी पड़ा और नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर उठने लगा।
इसी दौरान देविका नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट में एक शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। बारिश शुरू होने के बाद वहां मौजूद लोगों ने हालात पर नजर रखनी शुरू की, लेकिन कुछ ही समय में नदी का पानी श्मशान घाट की ओर बढ़ने लगा।
पानी अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंच गया और शव के करीब पहुंचने से पहले ही लोगों ने मिलकर अस्थायी इंतजाम किए। इसके चलते पानी को आगे बढ़ने से रोक दिया गया और शव को बहने से बचा लिया गया।
अचानक बढ़े जलस्तर ने मौके पर मौजूद लोगों को चिंता में डाल दिया। सामान्य स्थिति में नजर आने वाली देविका नदी बारिश के बाद देखते ही देखते तेज बहाव में बदल गई। लोगों का कहना था कि नदी के जलस्तर में इस तरह अचानक वृद्धि चिंता का विषय है, खासकर तब जब इसके किनारे श्मशान घाट सहित कई महत्वपूर्ण स्थान मौजूद हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले भी तेज बारिश के दौरान देविका का जलस्तर इसी तरह बढ़ गया था। उस समय हालात बेहद गंभीर हो गए थे और पानी के तेज बहाव में कुछ शवों के बह जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। बुधवार को एक बार फिर उसी तरह की स्थिति बनने से पुराने घटनाक्रम की यादें ताजा हो गईं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने देविका नदी संरक्षण परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि देविका के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ अचानक बढ़ने वाले जलस्तर और तेज बहाव से निपटने के लिए भी प्रभावी इंतजाम किए जाने चाहिए।
शहरवासियों के अनुसार, नदी के किनारे जल निकासी, सुरक्षा और बाढ़ जैसे हालात से निपटने की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है, ताकि भविष्य में श्मशान घाट या आसपास के अन्य स्थानों पर ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
लोगों ने प्रशासन से मांग की कि देविका नदी के जल प्रवाह का तकनीकी स्तर पर अध्ययन करवाया जाए और बरसात के दौरान बढ़ने वाले जलस्तर को देखते हुए स्थायी सुरक्षा एवं जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए। उनका कहना है कि संरक्षण परियोजना का उद्देश्य केवल नदी का स्वरूप सुधारना नहीं, बल्कि नदी के प्राकृतिक बहाव और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना होना चाहिए।
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