त्रिकुट पर्व पर हर पल बदलते मौसम में मां वैष्णो देवी ने थामा भक्तों का हाथ, भीड़ कम होने से भक्त खुश
रुक-रुक कर हो रही बारिश और बदलते मौसम के बावजूद श्री माता वैष्णो देवी यात्रा पारंपरिक मार्ग से सुचारु रूप से जारी रही। ...और पढ़ें

मां वैष्णो देवी यात्रा, बारिश के बीच भी पारंपरिक मार्ग से सुचारु।
HighLights
पारंपरिक मार्ग से यात्रा बारिश के बीच भी सुचारु।
बैटरी कार, हेलीकॉप्टर सेवा मौसम से प्रभावित रही।
कम भीड़ के कारण सहज दर्शन, प्रतीक्षा नहीं।
संवाद सहयोगी, कटड़ा। पल-पल बदल रहे मौसम और बीच-बीच में हो रही बारिश के बावजूद मंगलवार को श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा पारंपरिक मार्ग से सुचारू रूप से जारी रही। सुरक्षा कारणों से महत्वपूर्ण बैटरी कार मार्ग अभी भी बंद रखा गया है, जिसके चलते बैटरी कार सेवा संचालित नहीं हो सकी। वहीं त्रिकूट पर्वत पर बादलों का जमाव और रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण हेलीकॉप्टर सेवा भी दिन के अधिकांश समय प्रभावित रही।
हालांकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को घोड़ा, पिट्ठू और पालकी जैसी पारंपरिक सेवाएं लगातार उपलब्ध रहीं। वर्तमान में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के कारण न तो यात्रा पंजीकरण और न ही भवन पर दर्शन के लिए किसी प्रकार की लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। श्रद्धालु सहजता से मां वैष्णो देवी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना कर रहे हैं।
श्राइन बोर्ड और प्रशासन अलर्ट पर तैनात
दर्शन के उपरांत श्रद्धालु रोपवे सेवा के माध्यम से भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के भी दर्शन कर रहे हैं। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए यात्रा मार्ग पर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, प्रशासन, पुलिस, सीआरपीएफ तथा आपदा प्रबंधन दल के अधिकारी एवं जवान लगातार तैनात हैं और पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं से मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की जा रही है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।
श्रद्धालुओं की कम आमद का असर कटड़ा के बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। हालांकि दर्शन के बाद श्रद्धालु प्रसाद और अन्य धार्मिक वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या कम होने से बाजारों में अपेक्षित रौनक नहीं लौट सकी है। स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि मौसम सामान्य होने के साथ आने वाले दिनों में यात्रा में तेजी आएगी और कारोबार भी पटरी पर लौटेगा।
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मंगलवार दोपहर एक बजे तक लगभग 8,000 श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे तथा श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी था। फिलहाल यात्रा पूरी तरह सुचारू है और श्रद्धालुओं को किसी विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।