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JPSC-JSSC भर्ती में गड़बड़ी पर अर्जुन मुंडा का हेमंत सरकार पर तीखा हमला, बोले- ईमानदार होती तो कराती CBI जांच

Published: Mon, 24 Aug 2026 12:50 PM (GMT+05:30)

अर्जुन मुंडा ने JPSC-JSSC भर्ती में गड़बड़ी को लेकर हेमंत सरकार पर हमला बोला और CBI जांच की मांग की, आरोप लगाया कि सरकार ईमानदार नहीं है।

बोकारो में मीडिया से बात करते पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा (बीच में) और अन्य। (फोटो जागरण)

बोकारो में मीडिया से बात करते पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा (बीच में) और अन्य। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. मुंडा ने JPSC-JSSC भर्ती गड़बड़ी पर CBI जांच की मांग की।

  2. हेमंत सरकार पर ईमानदारी की कमी और साक्ष्य मिटाने का आरोप।

  3. खेल नीति और DMFT फंड के दुरुपयोग पर भी सरकार को घेरा।

जागरणा संवाददाता, बोकारो। भाजपा नेता एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में पैसे लेकर नौकरियां बेचे जाने के सवाल पर हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ईमानदार नहीं है। अगर सरकार ईमानदार होती तो अब तक सीबीआई जांच का आदेश दे चुकी होती।

मुंडा ने सोमवार को बोकारो परिसदन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में JPSC की प्रथम, द्वितीय और तृतीय परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठे थे। इसकी जांच सीबीआई से कराई गई थी। छात्रों की मांग पर राज्य सरकार को पेपर लीक मामले की भी जांच सीबीआई से करानी चाहिए। राज्य सरकार अगर ईमानदार है तो उसे निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

मुंडा ने कहा कि झामुमो गठबंधन सरकार जानबूझकर सीबीआई से जांच नहीं करा रही है। सरकार जानती है कि सीबीआई जांच होने पर सरकार में बैठे लोग फंसेंगे। इसी कारण सीआईडी से जांच कराकर साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने झामुमो द्वारा छात्रों पर किए गए हमले और सरकार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी की भी निंदा की। कहा- हेमंत सरकार ने इस राज्य को लहूलुहान कर दिया है। राज्य पीछे की ओर सरकता जा रहा है।

खेल के क्षेत्र में राज्य के युवाओं में अपार संभावनाएं

बोकारो में चल रहे (19 से 26 अगस्त) राष्ट्रीय रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेने अर्जुन मुंडा पहुंचे हैं। वे भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मुंडा ने कहा-खेल के प्रति राज्य सरकार को संवेदनशील होना चाहिए। खेल के क्षेत्र में राज्य के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। इसलिए राज्य सरकार को खेल नीति पर ध्याना देना चाहिए।

तीरंदाजों को राज्य सरकार की ओर से पारितोषिक नहीं मिला है। जबकि खिलाड़ियों को पारितोषिक देना राज्य सरकार की पालिसी में है। कहा कि उन्होंने इस राज्य में कई दायित्व संभाला। हमने राष्ट्रीय खेल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधारभूत संरचना तैयार कराई। राष्ट्रीय खेल का आयोजन बेहतर तरीके से कराया।

हेमंत सरकार को इसका सदुपयोग करना चाहिए। खेल का बेहतर वातावरण तैयार करना चाहए। राज्य सरकार अच्छभ् नीतियों के साथ युवाओं की प्रतिभा उभारे। बेहतर आधारभूत संरचना के बावजूद राज्य सरकार की इच्छाशक्ति में कमी के कारण खिलाड़ी हतोत्साहित हैं। कहा कि बोकारो में 19 से 26 अगस्त तक राष्ट्रीय रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता का बेहतर तरीके से आयोजन किया जा रहा है।

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इसमें देश के अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज भाग ले रहे हैं। इस टूर्नामेंट के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजों को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। यहां कोच, जज व खेल विशेषज्ञ खिलाड़ियों पर पैनी नजर रखते हैं। अब राष्ट्रीय रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता में रिकर्व व कंपाउंड के साथ इंडियन राउंड को शामिल करने का सुझाव मिला है।

आदिवासी समुदाय में जन्म से मृत्यु तक तीरंदाजी का महत्व

उन्होंने कहा-आदिवासी समुदाय में जन्म से मृत्यु तक के संस्कार में तीरंदाजी का महत्व है। ओलिंपिक टारगेट के साथ विदेशी कोच को लाया जाएगा। खिलाड़ियों की तकनीकी व व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। स्कूली स्तर पर तीरंदाजी को बढ़ावा देने के लिए नवोदय विद्यालय के अलावा एकलव्य माडल स्कूल से भी बातचीत की जा रही है।

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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आवासीय तीरंदाजी केंद्र के लिए बीएसएल प्रबंधन से बातचीत की जाएगी। खेल को खेल की दृष्टि से देखना चाहिए। इसे राजनीति के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। बीएसएल प्रबंधन को भी इसमें बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए। एनटीपीसी राष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजी को प्रमोट कर रहा है।

सरकार को डीएमएफटी फंड का हिसाब देना चाहिए 

मुंडा ने कहा कि देश में खानों व खनिजों के विकास को नियंत्रित करने के लिए माइंस एंड मिनरल्स एक्ट बनाया गया है। राज्य सरकार का आक्शन पर ध्यान नहीं है। स्मग्लिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। माइंस को यूं ही छोड़ दिया जाता है। राज्य का अतिरिक्त सोर्स पर ध्यान नहीं है। लूट पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

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सरकार को डीएमएफटी फंड का हिसाब देना चाहिए। आम नागरिकों पर भार बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार को राज की चिंता कम, राजनीति की चिंता ज्यादा है। मौके पर जयदेव राय, एंजेला सिंह, राकेश सिन्हा, राकेश मधु, सुबोध कुमार, राम लाल सोरेन आदि उपस्थित थे।

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