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    बोकारो में पीडीएस के अपात्र लाभुकों पर तगड़ा एक्शन, 157 राशन कार्ड रद

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 06:35 AM (IST)

    बोकारो में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए 157 राशन कार्ड रद्द किए गए हैं, जिससे 442 व्यक्तियों के नाम सूची से हटा दिए गए। ...और पढ़ें

    पीडीएस की दुकान पर राशन लेते लाभुक। (प्रतीकात्मक फोटो)

    पीडीएस की दुकान पर राशन लेते लाभुक। (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. बोकारो में 157 राशन कार्ड रद्द, 442 व्यक्ति प्रभावित।

    2. अपात्रता, डुप्लीकेट और फर्जीवाड़े के कारण हुई कार्रवाई।

    3. पीडीएस में पारदर्शिता लाने हेतु सत्यापन अभियान जारी।

    विकास गोस्वामी, कसमार (बोकारो)। झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता लाने और वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर राशन कार्डों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर गलत लाभ ले रहे लोगों पर कार्रवाई हो रही है।

    बोकारो जिल के कसमार के आरटीआई कार्यकर्ता को दी गई सूचना के अनुसार नियमों की अनदेखी, अपात्रता और तकनीकी विसंगतियों के कारण जिले में बड़ी संख्या में राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई के तहत पूरे जिले में कुल 157 राशन कार्ड रद किए गए हैं, जिसके कारण 442 व्यक्तियों के नाम राशन सूची से हटा दिया गया है।

    किस कारण से रद्द हुए कितने राशन कार्ड

    (आंकड़े एक नजर में)

    विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राशन कार्ड रद होने के प्रमुख कारण:

    • मानदंड के आधार पर अपात्र: 71 कार्ड
    • स्वेच्छा से समर्पण किए गए: 30 कार्ड
    • व्यक्ति/परिवार अस्तित्व में नहीं (फर्जी/लापता): 26 कार्ड
    • लगातार छह महीने तक राशन नहीं उठाया: 14 कार्ड
    • अन्य डुप्लिकेट राशन कार्ड: 06 कार्ड
    • आधार/यूआईडी डुप्लिकेट राशन कार्ड: 05 कार्ड
    • मृत व्यक्तियों के नाम दर्ज: 05 कार्ड

    कुल रद राशन कार्ड: 157

    अभियान के प्रमुख बिंद

    अपात्रों और फर्जीवाड़े पर कसता शिकंजा: सत्यापन के दौरान जो लोग निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम एक से अधिक जगह (डुप्लीकेट) दर्ज थे, उन्हें चिह्नित कर तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

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    पारदर्शिता और न्यायसंगत वितरण: विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं और रियायती दरों पर मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद गरीब परिवारों तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकार से वंचित न रहे। 

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    खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार, राशन कार्ड सूची को पूरी तरह अद्यतन और पारदर्शी बनाने के लिए यह सत्यापन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।