CISF जवानों-अधिकारियों को बड़ी राहत, बंद जोखिम भत्ता फिर से होगा शुरू
CISF के कर्मियों और अधिकारियों का अप्रैल से बंद जोखिम भत्ता दोबारा शुरू किया जाएगा। ...और पढ़ें

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान। (फाइल फोटो)
HighLights
सीआईएसएफ कर्मियों का जोखिम भत्ता दोबारा शुरू होगा।
12,000 से अधिक अधिकारी-जवान होंगे लाभान्वित।
सितंबर से अतिरिक्त भुगतान मिलने की संभावना।
जागरण संवाददाता, बोकारो। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में कार्यरत अधिकारी व जवानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। विगत अप्रैल माह से बंद पड़े उनके जोखिम भत्ता को दोबारा शुरू किया जा रहा है। इस बाबत विभागीय प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
योजना से BSL, BPSCL, BCCL Dhanbad, CCL Ranchi आदि इकाई में कार्यरत लगभग 12 हजार गैर राजपत्रित तथा राजपत्रित अधिकारी लाभान्वित होंगे। इनमें कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर को प्रतिमाह 10 हजार रुपये तथा सहायक कमांडेंट से लेकर डीआइजी को 17 हजार रुपये बतौर जोखित भत्ता उनके वेतनमान के अतिरिक्त दिया जाएगा।
Central Industrial Security Force पूर्वी खंड रांची मुख्यालय यह निर्णय जोखिम भत्ता मापदंड के लिए बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लेने जा रही है। जिसका सारा विवरण विस्तृत रिपोर्ट के साथ दिल्ली मुख्यालय को सौंप दिया गया है।
संभावना है की सितंबर माह से सीआइएसएफ कर्मियों के बंद पड़े जोखिम भत्ता को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि सीआइएसएफ पूर्वी खंड रांची के अधीन संचालित बीएसएल बोकारो, बीसीसीएल धनबाद, सीसीएल करगली, टीटीपीएस ललपनिया, बीटीपीएस बोकारो थर्मल, सीटीपीएस चंद्रपुरा, डीवीसी पंचेत व मैथन, पतरातू, पिपरवार, टंडवा, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, गया, बरौनी, पटना आदि लगभग 35 छोटी बड़ी इकाई में इसी साल अप्रैल माह से कर्मियों के जोखिम भत्ता को बंद कर दिया गया है।
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आपराधिक वारदात व सुरक्षा बल पर हमले का दिया गया हवाला
सीआइएसएफ कर्मियों के बंद पड़े जोखिम भत्ता का मूल्यांकन करने के लिए पूर्वी सेक्टर रांची के अंतर्गत सभी उप महानिरीक्षक, कमांडेंट तथा द्वितीय आरक्षित वाहिनी की ओर से एक विस्तृत रिपोर्ट यहां के महानिरीक्षक को सौंपी गई है।
रिपो्रट में कहा गया है कि सीआइएसएफ के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में आपराधिक घटना, सुरक्षा बल पर हमले, कोयला परिवहन में व्यावधान, रंगदारी, आगजनी, आइईडी विस्फोट, हथियार व विस्फोटक बरामद होने की घटनाएं लगातार हो रही है।
सुरक्षा खतरे के अलावा घने जंगल, दूरस्थ खनन क्षेत्र, जर्जर सड़क संपर्क, अपर्याप्त चिकित्सा सेवाएं तथा खनन गतिविधियों के कारण प्रतिकूल पर्यावरणीय स्थितियों तथा सीमित नागरिक बुनियादी ढांचे वाले कठिन इलाकों में सीआइएसएफ के महिला व पुरुष जवान काम कर रहे है।
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जबकि रांची, बोकारो, धनबाद, करगली, पटना और आस पास के क्षेत्रों में समान परिचालन वातावरण में तैनात अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बल जैसे की सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी तथा इंडिया रिजर्व बटालियन के कर्मियों के जोखिम एवं कठिनाई भत्ता पर किसी प्रकार की कोई रोक नही लगाई गई है।
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इसलिए धरातल पर मौजूदा स्थिति के आधार पर कमेटी का यह विचार है कि सीआइएसएफ इकाई के प्रभावित क्षेत्रों में परिचालन स्थितियों और खतरे की आशंका में इस हद तक कमी नहीं आई है कि जोखिम भत्ते को बंद किया जाए।