चूल्हा ठंडा रहा, 30 बच्चों का भोजन भी हो गया! बोकारो में MDM का सूरत-ए-हाल
झारखंड के बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के एक स्कूल में मध्याह्न भोजन नहीं बना, फिर भी 30 बच्चों के भोजन करने की फर्जी रिपोर्ट पोर्टल पर भेज दी गई। ...और पढ़ें

बोकारो के नव प्राथमिक विद्यालय खिजरा में एमडीएम घोटाला। (प्रतीकात्मक फोटो)
विकास गोस्वामी, (कसमार)। झारखंड के बोकारो जिले के कसमार प्रखंड की शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सिंहपुर पंचायत मे स्थित नव प्राथमिक विद्यालय खिजरा मे सामने आया है। सोमवार को विद्यालय में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का चूल्हा तक नहीं जला, फिर भी विभागीय पोर्टल पर 30 बच्चों का डाटा भेजकर भोजन बनने की फर्जी पुष्टि कर दी गई।
वहीं, विद्यालय पहुंचे नौनिहालों को भोजन की जगह सिर्फ मायूसी मिली और उन्हें खाली पेट ही घर लौटने को मजबूर होना पड़ा।
कागजों में भोजन, पेट में भूख
सोमवार को स्कूल पहुंचे बच्चे दिनभर भोजन का इंतजार करते रहे। मिड-डे मील न बनने के कारण अंततः बच्चों को घर भेज दिया गया। कुछ बच्चे तो वापस जाकर घर से खाना खाकर आए, जबकि कई गरीब बच्चे विद्यालय परिसर में ही भूखे-प्यासे समय बिताने को मजबूर दिखे।
कक्षा पांचवीं व तीसरी के छात्र अख्तर अंसारी, शाहिद अफरीदी एवं सनोज कुमार ने विद्यालय प्रशासन की पोल खोलते हुए बताया कि स्कूल में मेन्यू के अनुसार कभी अंडा या फल नही दिया जाता है। सोमवार को भी खाना नहीं बना और हमें भूखा ही रहना पड़ा।
वहीं, जब इस संबंध में विद्यालय के सचिव लखन लाल महतो से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने लाचारी जताते हुए कहा कि विद्यालय में गैस सिलिंडर खत्म हो गया है, ऐसे में खाना कैसे बनेगा। साथ ही उन्होंने लंबे समय से एमडीएम की राशि का अभाव होने की बात भी कही।
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बताया कि अगर विभाग को एसएमएस नहीं करेंगे तो स्पष्टीकरण की मांग कर दी जाती है हालांकि, सचिव के इस तर्क के विपरीत प्रभारी शिक्षक ने चालाकी दिखाते हुए विभाग को 30 बच्चों के भोजन करने का फर्जी एसएमएस भेज दिया।
फर्जीवाड़े का खेल, नामांकित 36, दिखा दिए 30
विद्यालय में नामांकित कुल बच्चों की संख्या 36 है। धरातल पर एक भी बच्चे को खाना नहीं मिला, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में 30 बच्चों की उपस्थिति दिखाकर एक दिन के एमडीएम के बजट की चपत लगा दी गई। यह सीधा-सीधा सरकारी धन के गबन और बच्चों के निवाले पर डाका डालने का मामला है।
मामला बेहद गंभीर है। बिना भोजन बने पोर्टल पर बच्चों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर एसएमएस भेजना और बच्चों को भूखा रखना घोर लापरवाही है। इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। संबंधित विद्यालय के सचिव से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है और उनके वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाएगी। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने वाले शिक्षक पर भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिमा दास, प्रखंड शिक्षा प्रसार, पदाधिकारी कसमार