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    एलपीजी संकट से बोकारो में पीएनजी की बढ़ी मांग, ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद अब तक 500 से ज्यादा लिया कनेक्शन

    By Birendra Kumar Pandey Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Sun, 29 Mar 2026 06:40 PM (IST)

    LPG Crisis Drives New Connectionsः ईरान-अमेरिका तनाव से उत्पन्न एलपीजी किल्लत के कारण बोकारो में पीएनजी कनेक्शन लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ...और पढ़ें

    बोकारो में पीएनजी कनेक्शन लेने वालों की बढ़ रही संख्या।

    बोकारो में पीएनजी कनेक्शन लेने वालों की बढ़ रही संख्या।

    जागरण संवाददाता, बोकारो। ईरान-अमेरिका तनाव के चलते एलपीजी (रसोई गैस) की किल्लत ने लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था की ओर सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में बोकारो में पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

    पीएनजी कनेक्शन वालों की बंद होगी एलपीजी बुकिंग 

    पीएनजी आपूर्ति करने वाली इंडियन ऑयल ने साफ कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने पाइप गैस कनेक्शन ले लिया है, वे अपना एलपीजी सिलिंडर जल्द सरेंडर कर दें। ऐसा नहीं करने पर उनकी एलपीजी बुकिंग बंद कर दी जाएगी और कनेक्शन रद भी किया जा सकता है।

    ईरान युद्ध से पहले थे 8000 पीएनजी कनेक्शन 

    कंपनी के मुताबिक, ईरान-अमेरिका तनाव से पहले जिले में करीब 8 हजार पीएनजी कनेक्शन थे, जबकि बीते एक महीने में लगभग 500 नए कनेक्शन जुड़े हैं। इसके अलावा उन उपभोक्ताओं को भी सक्रिय करने की तैयारी है, जिन्होंने कनेक्शन तो ले लिया, लेकिन अब तक गैस चालू नहीं कराया है।

    ऊर्जा गंगा परियोजना के तहत झारखंड के जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, हजारीबाग और बोकारो में पीएनजी आपूर्ति शुरू की गई है। हालांकि बोकारो में कंपनी का लक्ष्य 40 हजार कनेक्शन का है, लेकिन अभी तक यह आंकड़ा 10 हजार तक भी नहीं पहुंच सका है।

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    एलपीजी की तुलना में सुरक्षित और सस्ता 

    पीएनजी को एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना जा रहा है। इसमें सिलिंडर ढोने या खत्म होने की चिंता नहीं रहती, क्योंकि पाइपलाइन के जरिए लगातार गैस मिलती रहती है। रिसाव की स्थिति में भी यह अपेक्षाकृत कम खतरनाक है, क्योंकि यह हवा में तेजी से फैल जाती है।

    उपभोक्ताओं के लिए यह आर्थिक रूप से भी लाभकारी है, क्योंकि इसमें मासिक बिलिंग होती है और खपत के अनुसार ही भुगतान करना पड़ता है। यही वजह है कि शहरी क्षेत्रों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। गैस की कमी के दौरान बोकारो के कई रेस्तरां संचालकों ने भी पीएनजी कनेक्शन लेना शुरू कर दिया है।

    पीएनजी विस्तार में बिजली चोरी सबसे बड़ी बाधा

    हालांकि, पीएनजी के विस्तार में सबसे बड़ी बाधा बोकारो स्टील की बिजली व्यवस्था को माना जा रहा है। यहां करीब 30 हजार आवासों में अब तक स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जा सके हैं। लोग 1000 रुपये मासिक फ्लैट चार्ज देकर मनमाने ढंग से बिजली का उपयोग कर रहे हैं और गैस के बजाय इलेक्ट्रिक हीटर का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा झुग्गी-झोपड़ियों में 30 से 40 हजार अवैध बिजली कनेक्शन होने का अनुमान है, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है।

    इस संबंध में कई बार शिकायतें उच्च स्तर तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। 2011 में अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर जांच करने वाली सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बोकारो स्टील को हर साल लगभग 20 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही थी, जो अब बढ़कर 30 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल रहेगा और केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना पर भी असर पड़ता रहेगा।